उत्तर प्रदेश

अखबार पढ़ने से बच्चों में निखरती है भाषा और विचारशक्ति : डॉ. रचना सिंह

​उन्नाव। बच्चों के सर्वांगीण विकास, ज्ञानवर्धन और समझ को विकसित करने में अखबार एक सशक्त माध्यम है। इसी उद्देश्य के साथ माध्यमिक और बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा द्वारा जारी शासनादेश के अनुपालन में, जिले के स्कूलों में बच्चों को अखबार पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

​कक्षा 6 से 12 तक अखबार की उपलब्धता अनिवार्य
​शासन के निर्देशानुसार, कक्षा 6 से 12 तक के बेसिक व माध्यमिक स्कूलों में हिंदी और अंग्रेजी के अखबारों की उपलब्धता अनिवार्य कर दी गई है। इसी क्रम में विकास खंड सिकंदरपुर कर्ण के उच्च प्राथमिक विद्यालय कटरी पीपरखेड़ा (कंपोजिट) में कक्षा 6 से 8 के बच्चों ने सहायक शिक्षिका व जनपद की एसआरजी डॉ. रचना सिंह के मार्गदर्शन में अखबार पढ़कर अपने ज्ञान का विस्तार किया।

​सीखने की प्रक्रिया और बच्चों का उत्साह
​अखबार वाचन के दौरान बच्चों ने न केवल मुख्य खबरों को अपने सहपाठियों के साथ साझा किया, बल्कि उनमें आए नए और कठिन शब्दों को चिन्हित कर उनके अर्थों पर गहन चर्चा भी की। डॉ. रचना सिंह ने अखबार पढ़ने के लाभों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि

शब्दकोश में वृद्धि: नियमित पढ़ने से बच्चों की शब्दावली और संवाद कौशल बेहतर होता है।

जागरूकता: छात्र राजनीति, विज्ञान, खेल और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं से अवगत होकर जागरूक नागरिक बनते हैं।

​मानसिक विकास: इससे एकाग्रता बढ़ती है और बच्चों का आत्मविश्वास जागृत होता है।
​डिजिटल डिटॉक्स: अखबार पढ़ने की आदत बच्चों को अत्यधिक ‘स्क्रीन टाइम’ से राहत दिलाने में मददगार है।
​आगामी गतिविधियाँ: ग्रुप डिस्कशन और स्क्रैपबुक
​डॉ. रचना सिंह ने जानकारी दी कि भविष्य में बच्चों की तार्किक क्षमता बढ़ाने के लिए संपादकीय लेखों पर ग्रुप डिस्कशन (सामूहिक चर्चा) आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा, छात्र अपनी रुचि के अनुसार विज्ञान, पर्यावरण और खेल जगत की खबरों की कटिंग का उपयोग कर स्क्रैपबुक भी तैयार करेंगे। विद्यालय की छात्रा पुष्पा ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि स्कूल में नियमित अखबार पढ़ने से उनके सामान्य ज्ञान में काफी सुधार हुआ है और उन्हें दुनिया को समझने का नया नजरिया मिला है।

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