
लखनऊ। राजाजीपुरम रानी लक्ष्मी बाई अस्पताल में बीती रात कुछ शराबी नशे की हालत में मरीज दिखाने पहुंचे और ड्यूटी पर मौजूद डाॅक्टर व कर्मचारियों से मारपीट की। इस घटना में डाॅक्टर व कर्मचारियों को चोटें आयी है। साथ ही शराबियों ने एम्रजेंसी वार्ड में तोड़फोड़ की। अस्पताल में हुई घटना से नाराज कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार करना शुरू कर दिया। कुछ ही मिनटों में अस्पताल में अफरा तफरी मच गयी। पुलिस ने मामले को सम्भालते हुए त्वरित कार्रवाई की और मौके से सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की कार्यवाही से संतुष्ट कर्मचारियों ने कुछ ही घंटों में कार्य बहाल कर दिया। रानी लक्ष्मी बाई अस्पताल के सीएमएस की माने तो स्थित समान्य है। सभी मरीजों का इलाज हो रहा है।

बीति रात एम्रजेंसी वार्ड में डाॅ. विपिन कुमार वर्मा तैनात थे। रात्रि करीब 1.30 बजे दो वृद्ध व्यक्ति इलाक कराने आये थे। उनके साथ आया एक व्यक्ति अधिक नशे में था। वह जबरस्ती अपने हिसाब से मरीजों का इलाज करने को कह रहा था। जब डाॅक्टर ने इस का विरोध किया तो वह गालियां देने लगा और फोन करके दो गाड़ियों से कई लोगों को मौके पर बुला लिया। अस्पताल पहुंचे नशेड़ियों ने अस्तपाल में जमकर ताड़व किया और डाॅक्टर एवं कर्मचारियों को पीटने लगे। वहीं कुछ नशेड़ियों ने अस्पताल में तोड़फोड़ मचाना शुरू कर दिया। जब अस्पताल के कर्मचारों को सुबह घटना की जानकारी लगी तो वह आक्रोशित हो गये और कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया। कार्य बहिष्कार के कुछ ही मिनटों बाद तालकटोरा इंस्पेक्टर कुलदीप दूबे दल बल के साथ मौके पर पहुंची और कर्मचारियों को समझाते हुए कार्य पर वापस पहुंचे को कहा। उन्होंने कार्मचारियों को बताया कि डाॅक्टर की तहरीर के आधार पर सभी आरोपियों के खिलाफ गम्भीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बीती रात ही मौके से सात आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है। जिसमें तीन के नाम विकास पाण्डेय, सूरज यादव एवं राजधर्वन सिंह है। अन्य चार व्यक्तियों के नाम जल्द ही आप सभी को बता दिया जायेगा। सीएमएस श्याम सुंदर व्यास ने बताया कि सभी कर्मचारी सुचारू रूप से कार्य कर रहे है। डाॅक्टर वीपिन की तहरीर पर सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे घटना पुनः न हो इस लिए पुलिस से सुरक्षा की मांग की है।



