
अवैघ सम्बंध में दो की हत्या, पांच को जेल
सात घरों में छाया मातम
लखनऊ। राजधानी उस दौरान दहल उठी जब पति-पत्नी और वो के चक्कर में दो लोगों की काकोरी थाना क्षेत्र में हत्या हो गयी। यह हत्या प्रेमिका के पति द्वारा की गयी। किसी न सच ही कहा है कि प्रेम अंधा होता है लेकिन इतना अंधा हो जायेगा कि एक प्रेम कहानी में दो लोगों की हत्या हो जायेगी और पांच लोगों को हत्या करने के लिए जेल जाना पड़ेगा। मामला काकोरी के पान खेड़ा गांव का है जहां मनोज लोधी बरकदाबाद गांव की रहने वाली एक युवती दीपिका से स्कूल के समय से प्यार करता था। धीरे-धीरे प्यार गहारा होता गया और दीपिका के पिरजनों को जब जानकारी मिली तो उन्होंने दीपिका का विवाह पुरौना बीबी चक में रहने वाले पुलिस के सिपाही महेन्द्र कुमार के साथ उसका विवाह वर्ष 2021 में कर दिया। लेकिन मनोज का प्यार देखते ही देखते वैध से अवैध हो गया क्योंकि युवती की शादी हो चुकी थी।
दोनों अलग-अलग जाति के थे। शादी के चार वर्ष बीतने के बाद भी मनोज एवं दीपिका ने अपनी आदतों में सुधार नहीं किया और अवैध प्यार को अवैध सम्बंधों में बदलने का प्रयास करते रहे, लेकिन किसी ने सच ही कहा है कि गलत तो गलत ही होता है अर्थात सिपाही महेन्द्र अपनी पत्नी की हरकतों से आजिज आने लगा था। उसने अपने पद का इस्तेमाल करते हुए दीपिका एवं मनोज की काल डिटेल निकलवायी। जब इस बता की पुष्टि हो गयी कि मनोज लोधी का उसकी पत्नी दीपिका के अवैध सम्बंध है तो उसने मनोज की हत्या करने का षड़यंत्र करना शुरू कर दिया, लेकिन अपने प्यार में चूर दीपिका ने कभी भी अपने अवैध संबंघ को खत्म करने का नाम नहीं लिया वह महेन्द्र के साथ रहना भी चाहती थी और मनोज लोधी के साथ अपना प्रेम-प्रसंग भी रखना चाहती थी। वह फिल्मी अंदाज में दोनों के साथ रहना चाहती थी। जब महेन्द्र ने इस अवैध सम्बंध में दीपिका से बात की तो दीपिका अपनी सभी बातों से मुकर गयी और मनोज पर जबरन प्यार करने एवं फोन करने के साथ ही साथ परेशान करने का आरोप लगाकर महेन्द्र को हत्या करने के लिए उकसाने लगी। नतीजा वह दिन आ ही गया जब सिपाही महेन्द्र ने मनोज की हत्या करने का इरादा बना लिया और तीन लोगों को हत्या करने लिए तैयार किया। इसके साथ ही उसने हत्या करने लिए दो फेक सिम खरीदा और हत्या वाले दिन अपनी पत्नी दीपिका से 35 से अधिक बार फोन करवा कर उसे मिलने के लिए बरकता बाद रोड नहर पुलिया के पास बुलवाया। 21 मार्च की रात करीब 9 बजे सिपाही महेन्द्र ने अपने तीन साथ विनीत, अनिल व बीरेन्द्र के साथ मिलकर मनोज लोधी व मनोज लोधी के साथ आये रोहित लोधी की ताड़ी काटने वाले हथियार से दर्जनों वार कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। लखनऊ में दो लोगों की हत्या से राजधानी दहल उठी और यह खबर पूरे प्रदेश में आग की तरह फैल गयी। यह मौत की खबर शासन की गलियारों में गूंजने लगी। हत्यारों की गिरफ्तारी को लेकर गांव गांवों के लोग सैकड़ों की संख्या में उपस्थित होकर लामबंद होने लगे। देखते ही देखते प्रदर्शन उग्र होता चल गया और पुलिस प्रशासन के हाथ पांव फूलने लगे। कड़ी मशक्त के बाद लोगों को शांत कराया गया और घटना का पुलिस ने खुलासा करते हुए आरोपी महेन्द्र व उसकी पत्नी दीपिका को गिरफ्तार किया। जनता की माने तो इन हत्याओं के पीछे सिर्फ और सिर्फ दीपिका का ही हाथ है। स्थानीय लोगों के मन में सिर्फ एक ही सवाल था कि रोहित लोधी की क्या गलत थी उसकी हत्या कर दी गयी। अगर हत्यारे चाहते तो उसे वहां से डरा धमका कर भाग भी सकते थे, लेकिन उसकी हत्या कर उसके परिवार का एक सहारा छीन लिया। इस नजायज सम्बंध के चक्कर में महेन्द्र का परिवार, मनोज का परिवार, रोहित का परिवार सहित वीरेन्द्र, विनीत व अनिल का परिवार पूर्ण रूप से बिखर गया।



