
उन्नाव। जनपद के पुरवा थाना क्षेत्र के ग्राम हबुसा में एक दलित परिवार पर दबंगों द्वारा जानलेवा हमला किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित नन्हके रावत ने आरोप लगाया है कि हमलावरों ने न केवल घर पर हमला किया बल्कि महिलाओं के साथ मारपीट और अभद्रता भी की, वहीं पुलिस ने समय पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। पीड़ित के अनुसार, विवाद की शुरुआत प्लॉट पर निर्माण कार्य को लेकर हुई थी। आरोप है कि 16 मार्च 2026 को दोपहर करीब 12 बजे विपक्षी महेंद्र सिंह, डेविड सिंह उर्फ छोटू, सत्यम सिंह, पुत्तन सिंह, रिंकू उर्फ अमरेंद्र सिंह, धीरेन्द्र सिंह उर्फ बच्चा सिंह, पींकू सिंह व मुन्ना सिंह एक राय होकर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों के साथ पहुंचे और दीवार गिराने लगे। विरोध करने पर हमलावरों ने पीड़ित और उसके परिवार के सदस्यों पर हमला कर दिया। हमले के दौरान पीड़ित की बहू को भी नहीं बख्शा गया। आरोप है कि उसके साथ मारपीट की गई, गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की गई और जातिसूचक गालियां दी गईं। इतना ही नहीं, हमलावरों द्वारा मोबाइल छीनने और कपड़े फाड़ने जैसी शर्मनाक हरकतें भी की गईं। इस हमले में पीड़ित को गंभीर चोटें आई हैं, जिनमें जबड़े के तीन दांत टूटना भी शामिल है। पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने तुरंत डायल 112 पर सूचना दी, लेकिन पुलिस देर से पहुंची और बिना कोई ठोस कार्रवाई किए वापस चली गई। और भी गंभीर आरोप यह है कि जब पीड़ित थाना पुरवा पहुंचा और शिकायत दर्ज करानी चाही, तो उसे थाने से भगा दिया गया और करीब 24 घंटे बाद भी न तो रिपोर्ट दर्ज की गई और न ही मेडिकल परीक्षण कराया गया। पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि हमलावर लगातार समझौते का दबाव बना रहे हैं और जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। अब पीड़ित ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व पुलिस अधीक्षक उन्नाव ,अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग से न्याय की गुहार लगाते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की है।



