उत्तर प्रदेश

नदियों के बढ़ते जलस्तर से अलर्ट मोड में प्रशासन, राहत और बचाव में जुटे अफसर

लखीमपुर खीरी-लगातार हो रही बारिश एवं बनबसा बैराज से छोड़े जा रहे पानी से उत्पन्न बाढ़ की विभीषिका नदियों में बढ़ने वाले जलस्तर को लेकर डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल बेहद संजीदा है। बाढ़ प्रबंधन और जन जीवन की सुरक्षा के दृष्टिगत डीएम ने सभी उप जिलाधिकारियो को विस्तृत दिशा निर्देश देते हुए एसडीएम से नियमित संवाद कर अनुश्रवण भी कर रही है। उनके निर्देश के क्रम में बाढ से प्रभावी ढंग से निपटने उसके प्रभाव को कम करने के उद्देश्य से सभी एसडीएम अपने अपने क्षेत्र में भ्रमणशील रहंे।शारदा नदी में जलस्तर बढ़ने से पलिया तहसील क्षेत्र अंतर्गत खीरी पीलीभीत बॉर्डर पर बसे गांव गोविंद नगर कॉलोनी प्रभावित होने की सूचना मिली। इस पर क्विक रेस्पॉन्ड करते हुए प्रभावित परिवारों को एसडीएम कार्तिकेय सिंह अपने राजस्व दलबल संग सुरक्षित स्थान पर बसाने के लिए पूरे मनोयोग से जुटे दिखाई दिए।एसडीएम ने विषम परिस्थितियों में फंसे 7 परिवारों के करीब 20 सदस्य पुरुष महिला और बच्चों को पीएसी बोट के जरिए सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कराया। सभी प्रभावित परिवारों के खाद्यान्न, फल, पेयजल सहित अन्य जरूरी सामग्री की व्यवस्था प्रशासन ने कराई। जो लोग अपने घरों में सुरक्षित हैं, उन्हें तहसील प्रशासन कम्युनिटी किचन के जरिए लंच पैकेट का भी वितरण कर रहा है। एसडीएम ने किसी भी आकस्मिक जरूरत की पूर्ति के लिए क्षेत्रीय प्रधान, लेखपाल को जरूरी दिशा निर्देश दिए। प्रभावितों को चिकित्सीय सुविधाएं देने के उद्देश्य से चिकित्सीय टीम ने प्रभावित परिवारों का मेडिकल चेकअप करते हुए जरूरी औषधियां प्रदान की।वहीं सदर तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र बड़ागांव धोबियाना और सिंधिया मेें ट्रैक्टर और नाव पर सवार होकर पहुंचे एसडीएम सदर अश्विनी कुमार सिंह तहसीलदार सुशील प्रताप सिंह ने पीड़ितों का दर्द जाना। मौजूद ग्रामीणों से संवाद कर हर संभव मदद के लिए आश्वस्त किया। क्षेत्रीय लेखपाल को बाढ़ से प्रभावित होने वाली फसल और घर का सर्वे करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रभावित परिवारों को सभी अनुमन्य सरकारी सहायता प्रदान की जाएगी।आपात स्थिति के लिए तहसील प्रशासन पूर्णतया तैयार है। ग्रामीणों के आवागमन हेतु प्रशासन की ओर से नाव भी लगाई गई हैं।गोला तहसील क्षेत्र में एसडीएम विनोद कुमार गुप्ता ने बाढ़ प्रभावित गांव जोहरा गुजारा, पूजा गांव मुडिया आषाढी, बेल्हा सिकटिहा, डंबल टांडा, बजेड़ा रेवतीपुरवा रूरा सुल्तानपुर करसोर का स्थलीय भ्रमण कर ग्रामीणों से संवाद किया। उन्हें निकटवर्ती बाढ़ चैकियों में शिफ्ट होने का अनुरोध किया। तहसील प्रशासन द्वारा पूजागांव के मजरा मुड़िया करसोर रूरा सुल्तानपुर में कम्युनिटी किचन के जरिए लंच पैकेट वितरित किया। प्रशासन की ओर से उनके आवागमन हेतु नाव भी लगाई गई। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस दौरान बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भी पहुंचाया। तहसील प्रशासन की ओर से लोगों के आवागमन हेतु नाव भी लगाई गई हैं।वही धौरहरा एसडीएम राजेश कुमार ने तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांव कैरातीपुरवा परसा रामलोक का स्थलीय निरीक्षण कर ग्रामीणों से संवाद किया। तहसील प्रशासन की ओर से तैयार कराए गए लंच पैकेट का वितरण किया। फ्लड डिवीजन के अफसरों को स्टेशन पर रहकर बाढ़ निरोधी कार्यों के मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। परेशान परिवारों को सतर्क रहने और सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट करवाया। साथ ही प्रशासन की तरफ से हर संभव मदद का भरोसा दिया।निघासन क्षेत्र में एसडीएम राजीव निगम ने तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित ग्राम सूरतनगर, बरसोलाकला, बाबा पुरवा, गुलरिया पत्थर टागा का स्थलीय भ्रमण कर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। उनकी कुशलता जानते हुए सुरक्षित रहने और एहतयात बरतने को कहा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रशासन आपकी मदद के लिए पूरी तरह संकल्पित है। वहीं इन गांवों के परेशान कुछ परिवारों को बाढ़ चैकियों में शिफ्ट कराया।डीएम ने शारदा नदी के निकटवर्ती ऐसे गांव जहां जलस्तर बढ़ने से प्रभावित होने की थोड़ी भी आशंका है। वहां के ग्रामवासियों से सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील करते हुए कहा कि सभी ग्रामवासी अपने अपने पशुओं को लेकर राहत शिविरों में चले जाएं। जिला प्रशासन की ओर से वहां पर व्यापक इंतजाम किए गए हैं।डीएम ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत व बचाव कार्यों का सघन पर्यवेक्षण कर फील्ड में कार्य कर रहे अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिए है। डीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हंै कि आपदा से प्रभावित लोगों को हर संभव मदद दी जाए। जनपद के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत व बचाव कार्य के सफल संचालन के लिए एसडीएम नोडल व तहसीलदार सह नोडल अधिकारी नामित किये गये हैं। जिला स्तरीय अधिकारियों को भी एसडीएम के सहयोग में लगाया गया है।

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