
केजीएमयू में बुलाकर की बातचीत, दिया फर्जी एडमिशन लेटर
पीड़िता ने चैक थाने में दर्ज कराया केस
लखनऊ। केजीएमयू में दाखिला कराने के नाम पर वाराणसी के एक अभ्यर्थी से शातिर ने 15.50 लाख रुपये ठग लिए। एडमिशन लेटर लेकर अभ्यर्थी केजीएमयू पहुंचा तो पता चला कि फर्जी है। पुलिस की जांच में ठगी की पुष्टि हुई। इसके आधार पर चैक पुलिस ने कार्तिकेय नाम के शख्स पर एफआईआर दर्ज की।
वाराणसी निवासी शालिनी दीक्षित के मुताबिक, बेटे ने नीट की परीक्षा दी थी। 19 दिसंबर को उनके पास एक कॉल आई। कॉलर ने बताया कि उसका नाम कार्तिकेय है और गुरुग्राम में रहता है। नीट में जिस अभ्यर्थी के नंबर कम आते हैं, उनका दाखिला करवा देता है। झांसे में आईं शालिनी दाखिला कराने के लिए राजी हो गईं। कार्तिकेय ने शालिनी व उनके बेटे को 28 दिसंबर को केजीएमयू परिसर में बुलाया। गार्डन एरिया में वह मिली और 15.50 लाख दे दिए। कार्तिकेय ने उनको एक एडमिशन लेटर दिया। बताया कि ई-मेल के जरिये एक वेलकम लेटर भी आएगा। तीन जनवरी को जब छात्र एडमिशन लेटर लेकर केजीएमयू पहुंचा तो पता चला कि दाखिला हुआ ही नहीं है। लेटर फर्जी है। ठगी के बाद से जालसाज का नंबर बंद है।
पुलिस की जांच में सामने आया कि शातिर ने नाम भी फर्जी बताया है। इस तरह का बड़ा गिरोह सक्रिय है जो दाखिले के नाम पर ठगी करता है। कानपुर में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में भी ऐसे कई मामले सामने आए थे। पुलिस अब गिरोह के बारे में जानकारी जुटा रही है। संबंधित मोबाइल नंबर फेक आईडी पर था।



