सरसों के खेत में मिला था मामूम का शव, बेरहमी से पीटने के बाद गला दबाकर हत्या

लखनऊ। उन्नाव जिले में फतेहपुर चैरासी के कुशालपुरवा गांव में घर के बाहर खेल रही अनूसूचित जाति की मासूम की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। बुधवार को उसका शव घर से करीब तीन सौ मीटर दूर सरसों के खेत में मिला। आईजी तरुण गाबा व एसपी सिद्धार्थ शंकर मीना भी गांव पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई है। थाना क्षेत्र के गांव कुशालपुरवा निवासी संगीत पासवान की साढ़े चार साल की बेटी सिम्मी मंगलवार को घर के बाहर खेलते समय लापता हो गई। देर शाम पिता संगीत ने अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई।
बुधवार सुबह करीब 10 बजे बच्ची का शव घर से तीन सौ मीटर दूर पड़ोसी गांव महामाइन खेड़ा निवासी राजेंद्र के खेत में मिला। सीओ माया राय और बांगरमऊ सीओ पंकज सिंह मौके पर पहुंचे। घटना से ग्रामीणों में आक्रोश को देखते हुए तीन थानों की फोर्स गांव पहुंची। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाने के बाद हत्या एवं मासूम के शरीर पर पांच चोट के निशान मिले है।
मृतका के पिता ने गांव के ही एक युवक पर शक जताया है। पिता के मुताबिक, युवक से उसकी कोई दुश्मनी नहीं है। लेकिन उसने करीब 12 साल पहले भी एक बच्ची को अगवा किया था। बाद में वह मिल गई थी। उसने एक बकरी के साथ भी गलत हरकत की थी। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
इकलौती बेटी की मौत से बेहाल परिजन
सिम्मी माता-पिता की इकलौती संतान थी। इकलौती बेटी की मौत से परिजन बेहाल हैं। पिता का कहना है कि जिसने भी घटना को अंजाम दिया उसे कड़ी सजा दिलाने का प्रयास करेंगे। मृतका का पिता मुरादाबाद जिले के संबल में मजदूरी करता है। पांच दिन पहले ही बेटी के बुलाने पर वह घर आया था।
बाजार गए थे माता-पिता
मंगलवार को घटना से पहले पति पत्नी दोनों फतेहपुर चैरासी बाजार गए थे। संगीत को बकरी खरीदने के लिए बैंक से पांच हजार रुपये निकालने थे। पत्नी ईशा को भी खरीदारी करनी थी। लेकिन पत्नी दोपहर 2.30 बजे ही घर आ गई थी। जबकि पति बाद में आया था। दोनों के घर पहुंचे के समय में करीब एक घंटे का अंतर क्यों रहा पुलिस इस बिंदु पर गहना से पड़ताल कर रही है। इसमें सर्विलांस की भी मदद ली जा रही है।



