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पारा में अवैध रूप से चल रही तारपीन फैक्ट्री में लगी आग, मजदूर की जलकर मौत

लखनऊ। राजधानी के पारा थाना क्षेत्र में अवैध रूप से चल रही तारपीन फैक्ट्री में आग लगने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी। फायर ब्रिगेड की मौके पर चार गाड़ियां ने आग पर काबू पाया। वही इस संबंध में स्थानीय लोगों का कहना है कि यह तारपीन फैक्ट्री काफी दिनों से अवैध रूप से चल रही थी। उसके बावजूद भी इस पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही थी। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मिली जानकारी अनुसार मंगलवार की शाम 7:00 बजे सलेमपुर गांव में अवैध रूप से चल रही फैक्ट्री में आग लग गई। आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया। फैक्ट्री में काम कर रहे सुनील कुमार पुत्र स्वर्गीय किशन निवासी उन्नाव आसीवन की जलकर मौत हो गई। इसी बीच लोगों ने घटना की सूचना पारा पुलिस को दी। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने फायर ब्रिगेड सूचना दी। आग बुझाने के लिए मौके पर चार फायर ब्रिगेड की गाड़ियां पहुंची जिन्होंने आग पर काबू पाया। दो मंजिल के बने मकान में अवैध रूप से चल रही तारपीन फैक्ट्री में मौके पर सात लोगों ड्रम तारपीन के मिले।
लोगों की माने तो फैक्ट्री मालिक पंकज दिक्षित पुत्र कौशल किशोर दीक्षित उन्नाव का रहने वाला है। वह अपने ही मकान में तारपीन का कारोबार अवैध रूप से कर रहा था। पुलिस ने इस मामले में फैक्ट्री मालिक के पिता कौशल किशोर दीक्षित को अपने गिरफ्त में ले लिया है। कौशल इससे पहले भी इस अवैध कार्य के लिए जेल जा चुका है। सूत्रों की माने तो यह फैक्ट्री पुलिस के संरक्षण में चल रही थी। घटना के बाद से मौके पर डीएम सूर्य प्रताप गैंगवार, एडीएम प्रशासन सहित डीसीपी, एडीसीपी व एसडीएम सदर सहित एएसपी मौके पर पहुंचे उन्होंने घटना का जायजा लिया। मौके पर पहुंचे डीएम ने मृतक के परिजनों को पांच लाख रुपये तत्काल किसान भविष्य निधि के तहत सहायता राशि दिलाने का आश्वासन दिया। मृतक सुनील कुमार के घर में उनकी पत्नी अर्चना, सचिन (15), सृष्टि (12) दिव्या, (10) लाडो उर्फ रितिका है। घटना के बाद से मृतक परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है। इस संबंध में एएसपी काकोरी का कहना है कि मामले की जांच पड़ताल की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। वही मृतकों के परिजनों ने सरकार से 20 लाख रुपए व एक सरकारी नौकरी की मांग की है।

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