उत्तर प्रदेश

​मानसिक दिव्यांगों के अधिकारों और नशा मुक्ति के प्रति बिलग्राम में जगाई गई विधिक जागरूकता

बिलग्राम, हरदोई। मानसिक एवं बौद्धिक अक्षमताओं से ग्रस्त व्यक्तियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और नशीले पदार्थों के बढ़ते दुरुपयोग को रोकने के उद्देश्य से आज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) बिलग्राम में एक विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरदोई, माननीय रीता कौशिक एवं सचिव/अपर जिला जज भूपेंद्र प्रताप के आदेशानुसार आयोजित हुआ।

समान अधिकार और सम्मान पर जोर

​तहसील प्रशासनिक अधिकारी श्रीमती साधना सिंह और डॉ. देवेंद्र भारती की संयुक्त अध्यक्षता में आयोजित इस शिविर में मानसिक रूप से अक्षम व्यक्तियों के कानूनी अधिकारों पर विस्तार से चर्चा की गई। साधना सिंह ने बताया कि:

  • ​भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 21 और 39A के तहत मानसिक दिव्यांगों को गरिमा के साथ जीने और बिना भेदभाव के समान अवसर पाने का अधिकार है।
  • दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 (RPwD Act) के तहत उन्हें मुफ्त कानूनी सहायता और उचित स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की गई हैं।

नशाखोरी के दुष्प्रभावों के प्रति किया सचेत

​शिविर के दौरान नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक और मानसिक नुकसान के बारे में भी जानकारी दी गई। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि नशा न केवल व्यक्ति को आर्थिक रूप से कमजोर करता है, बल्कि यह गंभीर मानसिक रोगों का कारण भी बनता है।

निःशुल्क सहायता के लिए टोल-फ्री नंबर

​लीगल एड क्लिनिक के आशिष तिवारी ने स्वास्थ्य सुविधाओं और सामाजिक समानता पर जोर देते हुए कहा कि समाज को ऐसे व्यक्तियों के प्रति भेदभाव रहित दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। वहीं, पी.एल.वी. श्रीमती रूबी देवी ने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित हेल्पलाइन नंबर 15100 की जानकारी दी, जिस पर कॉल करके कोई भी व्यक्ति निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त कर सकता है।

उपस्थिति: इस जागरूकता शिविर में तहसील विधिक सेवा समिति के सचिव/तहसीलदार यशवंत सिंह के निर्देशानुसार भारी संख्या में आशा बहुएं, स्थानीय महिलाएं और पुरुष उपस्थित रहे।

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