
लखनऊ। पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के जोन–पूर्वी अंतर्गत थाना गोमतीनगर क्षेत्र में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस उपायुक्त (पूर्वी) की क्राइम व सर्विलांस टीम तथा थाना गोमतीनगर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में विभिन्न विश्वविद्यालयों की फर्जी मार्कशीट और डिग्री तैयार करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है। कार्रवाई के दौरान गिरोह के तीन शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज और उपकरण बरामद किए हैं। बरामदगी में 923 फर्जी मार्कशीट व प्रमाण पत्र, विभिन्न विश्वविद्यालयों की 15 कूटरचित मुहरें, एक नीला इंक पैड, लगभग दो लाख रुपये नकद, 65 शीट मार्कशीट प्रिंटिंग पेपर, एक टाटा हैरियर कार, छह लैपटॉप, दो हार्डडिस्क, एक लैपटॉप चार्जर, पांच मोबाइल फोन, एक प्रिंटर, एक सीपीयू, दो रजिस्टर, एक फाइल मय पत्रावली तथा पांच चेकबुक और पासबुक शामिल हैं। पूछताछ में सामने आया है कि अभियुक्त भोले-भाले विद्यार्थियों को बिना मेहनत के डिग्री दिलाने का लालच देकर ठगी करते थे। गिरोह द्वारा छात्रों की जरूरत के अनुसार इंजीनियरिंग (बीटेक), बीसीए, एमसीए, एमएससी, बीए सहित अन्य पाठ्यक्रमों की फर्जी मार्कशीट और डिग्री तैयार कर दी जाती थीं। इन फर्जी दस्तावेजों का उपयोग कर कई लोग निजी क्षेत्रों में नौकरी हासिल करते थे। इसके एवज में अभियुक्त डिग्री या कोर्स के अनुसार 25 हजार रुपये से लेकर चार लाख रुपये तक वसूलते थे। गिरोह द्वारा स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय मेरठ, नॉर्थ ईस्ट क्रिश्चियन विश्वविद्यालय दीमापुर (नागालैंड), महराजा अग्रसेन हिमालयन गढ़वाल विश्वविद्यालय उत्तराखंड, कलिंगा विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़, जेआरएन राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय उदयपुर, साबरमती विश्वविद्यालय गुजरात सहित लगभग 25 विश्वविद्यालयों की फर्जी मार्कशीट और डिग्री तैयार की जाती थीं। इस पूरे मामले में थाना गोमतीनगर पर मु0अ0सं0 578/2025 के तहत धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2) बीएनएस में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों से गहन पूछताछ की जा रही है और गिरोह से जुड़े अन्य वांछित आरोपियों की तलाश जारी है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।



