जिले में संभावित बाढ़ से निपटने की तैयारी, डीएम के अध्यक्षता में बनी रणनीति

लखीमपुर खीरी-जिले में बाढ व अन्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने और उनके प्रभाव को कम करने के उद्देश्य से शुक्रवार को डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने अफसरों संग सम्बन्धित विभागों द्वारा की जाने वाली तैयारियों के सम्बन्ध में कलेक्ट्रेट में द्वितीय जिलास्तरीय बाढ़ स्टेरिंग ग्रुप बैठक लेकर अफसरों को सम्भावित बाढ़ को देखते हुए कारगर और प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।बैठक के दौरान जिले में संभावित बाढ़ की स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए डीएम ने सभी सम्बन्धित एसडीएम को निर्देश दिया कि बाढ़ चैकियों, बाढ़ राहत केन्द्रों, बाढ़ शरणालयों, लंगर स्थलों के चयन, तहसील अन्तर्गत उपलब्ध सरकारी व गैर सरकारी नावों, मल्लाहों, गोताखोरों की उपलब्धता का जायजा लेकर प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए।
बैठक की शुरुआत में ईई बाढ़ खंड अजय कुमार ने पीपीटी के जरिए विगत वर्षों में नदियों का जलस्तर एवं डिस्चार्ज, तटबंधों की मरम्मत एवं कटाव निरोधक कार्य सहित गतवर्ष निर्मित परियोजनाओं से होने वाले लाभों को रेखांकित किया। शारदा बैराज सात लाख क्यूसेक डिस्चार्ज के लिए डिजाइन है। अबतक अधिकतम 5.32 लाख क्यूसेक क्रॉस कर चुका है। इस वर्ष जिले में 11 कटाव निरोधी परियोजनाएं 17 मार्च से शुरू होकर 15 जून तक पूर्ण की गई हैं। जिले में एक जून से कंट्रोल रूम संचालित है। जिसपर डीएम ने बाढ़ नियंत्रण कक्ष शारदा नगर का फोन मिलवाया और उसकी क्रियाशीलता परखी।डीएम ने जाना कि अबतक किन बीडीओ ने संवेदनशील बाढ़ इलाकों का भ्रमण किया। निर्देश दिए कि सभी बीडीओ संवेदनशील बाढ़ इलाकों का स्थलीय भ्रमण अवश्य कर लें। बाढ़ चैकी के बाढ़ चैकी के निकट अस्थाई शौचालय एवं स्नानागार बनवाए एवं उसकी सफाई भी सुनिश्चित कराई जायेगी। राहत कैंपों में सोलर लाइट एवं पेट्रोमैक्स की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। डीपीआरओ ने बताया कि इस बार 91 नई नाव ग्राम निधि से खरीदी गई हैं। इनको मिलाते हुए 235 नाव क्रियाशील हैं।डीएम ने निर्देश दिए कि बाढ़ के दौरान प्रभावित व्यक्ति मूलभूत सुविधाओं से वंचित न रहे इसलिए राहत कैंपों को सुविधाओं से युक्त बनाएं। वहां पब्लिक एड्रेस सिस्टम की व्यवस्था भी सुनिश्चित कराएं। बीएसए को निर्देश दिए की बाढ़ के दौरान राहत कैंपों में शिक्षा के प्रबंध किए जाएं। इसके लिए एक अलग कक्ष आरक्षित किया जाए। जहां पढ़ाई के साथ साथ खेल की गतिविधियों का भी मुकम्मल इंतजाम हो। सीएमओ ने बताया कि संवेदनशील बाढ़ क्षेत्र के लिए 10 मोबाइल टीम का गठन करते हुए बाढ़ चौकियों पर ड्यूटी लगाई है। चिकित्सा कैंपों में ओआरएस, क्लोरीन की गोली, सेनेटरी नैपकिन सहित अन्य जरूरी औषधीय की उपलब्धता सुनिश्चित की जायेगी। इस बैठक में सीडीओ अनिल कुमार सिंह, एडीएम संजय कुमार सिंह, एएसपी पवन गौतम, सीएमओ डॉ संतोष गुप्ता, डीसी मनरेगा विपिन चंद्र चौधरी, जिला अग्निशमन अधिकारी, डीपीआरओ सौम्यशील सिंह, ईई बाढ़ खंड अजय कुमार ईई सिंचाई खंड शारदा नगर शोभित कुशवाहा, ईई सिंचाई खंड प्रथम राम बहादुर, खंड विकास अधिकारी, अधिशासी अधिकारी सहित संबंधित सभी जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।



