उत्तर प्रदेश

बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, फसलों के नुकसान से किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें

कछौना, हरदोई। बेमौसम बारिश किसानों व आम नागरिकों के लिए आफत बन गई है। लगातार बारिश से किसानों की खड़ी फसल धान, मक्का, तिल्ली, गन्ना, उड़द, अरहर, मूंगफली, आदि प्रभावित हुई हैं। किसान इस बारिश से हुई तबाही से काफी चिंतित है। उसने कई तरह की कड़ी मेहनत से बीज की सिंचाई से आर्थिक नुकसान हुआ है। भविष्य की तैयारी धरी की धरी रह गई है। सब्जियों को भी काफी नुकसान हुआ है, रोज कमाने वालों पर भी काफी प्रभाव पड़ा है। बृहस्पतिवार की रात से आरम्भ हुई बारिश अनवरत रूप से जारी है। ब्लाक कछौना परिसर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व परिषदीय स्कूलों में जलभराव हो गया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कछौना में जल निकासी न होने के कारण पूरी तरह से जलमग्न हो गया है। स्वास्थ्य सेवाएं काफी प्रभावित हैं। अधीक्षक डॉ. किशलय बाजपेई ने बताया कि नगर पंचायत कछौना को इस समस्या के संदर्भ में पत्र लिखकर जल निकासी के लिए मांग की है। अस्पताल परिसर में स्थित आवासों तक पानी पहुंच गया है, जिससे कीड़े मकोड़े पहुंचने के कारण स्वास्थ्य कर्मी प्रभावित हैं। अधिशासी अधिकारी रामबदन यादव ने बताया शीघ्र निकासी की व्यवस्था की जा रही है। वही लगातार बारिश के कारण सड़कों की हालत काफी दयनीय है। सड़कों पर जलभराव के कारण आवागमन दुष्कर है। कछौना रेलवे गंज तिराहे से गाजू बिलौनी मार्ग का कुकुही गांव तक आबादी क्षेत्र लगभग एक किलोमीटर में जलभराव से गहरे गड्ढे हो गए हैं। वहीं ग्रामीण अपने घरों का पानी सड़क पर बहाने के कारण हमेशा जल भराव बना रहता है। इस मार्ग पर आवागमन दुष्कर हो गया है। आए दिन वाहन पलट जाते हैं, जिससे लोग चुटहिल हो रहे हैं।लगातार बारिश का दंश बेजुबान पशु भी झेल रहे हैं। छुट्टा गौवंश खेतों में व मैदानों में पानी भरे होने के कारण लखनऊ हरदोई मार्ग पर कोतवाली कछौना केदारनाथ फिलिंग स्टेशन के पास ग्राम सुन्नी के पास शाम ढलते ही मुख्य मार्ग पर आने के कारण दुर्घटना का शिकार होकर चुटहिल हो कर तड़प तड़प कर मरने को विवश हैं। जिनका कोई पुरसाहाल नहीं है। घायल अवस्था में कई दिनों तक पड़े होने के कारण मृत्यु हो जाती है। फिर मृत गौवंशों को कोई विभाग उठाकर दफनाता नहीं है। बदबू से राहगीरों को निकलना दुष्कर हो जाता है। ब्लॉक के जिम्मेदारों/अधिकारियों का कहना है कि मृत गौवंश को दफनाने के लिए कोई धनराशि नहीं जारी होती है। वहीं विकासखंड कछौना में संचालित गौ-आश्रय स्थलों में लगातार बारिश होने से जलमग्न हो गए हैं। खंड विकास अधिकारी प्रमोद अग्रवाल व पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ० आशीष कुमार ने संयुक्त रुप से विशेष सावधानी को लेकर निरीक्षण किया। खंड विकास अधिकारी प्रमोद अग्रवाल ने संबंधित ग्राम सचिवों को जल निकासी का निर्देश दिया है। वहीं पशुओं के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक दवाएं दी गई हैं। साफ सफाई का कड़ा निर्देश भी दिया गया है। वहीं किसानों की हुई फसल के नुकसान के आकलन के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। वहीं किसानों के फसल बीमा के नाम पर लाखों रुपए डकारने वाली बीमा कंपनियां किसानों के साथ छलावा कर रही हैं। जबकि नुकसान के लिए हुए मुआवजा के लिए किसानों को 24 घंटे के अंदर बीमा कंपनी को सूचना देने का प्रावधान है। परंतु इनके प्रतिनिधि व टोल फ्री नंबर से संपर्क नहीं हो पा रहा है। बेमौसम बारिश से किसानों की माथे पर चिंता की लकीरें साफ नजर आ रही हैं। फसलों का भारी नुकसान का प्रभाव पूर्व अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।

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