
मलिहाबाद (लखनऊ)। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में झोलाछाप डॉक्टरों का आतंक जारी। झोलाछाप डॉक्टर बिना डिग्री फर्जी तरीके से अपना गोरख धंधा बनाकर मरीजों से मोटी रकम ऐंठ कर लोगों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। स्वास्थ विभाग आँखे बंद कर तमासा देखा रहा है जबकि कई बार क्षेत्र के अन्य झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ पेपर और चैनलों में खबर प्रकाशित होने पर भी क्षेत्र में मौजूदा स्वास्थ्य विभाग में तैनात अधीक्षक किसी भी कार्रवाई करने के लिए नहीं तैयार है। वही खुलेआम झोलाछाप अपना गोरख धंधा चला रहे हैं। 

माल थाना क्षेत्र के सुख्खाखेड़ा गांव के अवधेश (34) पुत्र स्वर्गीय छेदा को पैर की अंगुली में मोच आ जाने से दर्द हो रही थी। घरवालों ने डॉक्टर अंबर पाल को फोन किया कि घर आकर दवाई दे, तभी डॉक्टर अंबर पाल ने अपने कंपाउंडर जितेंद्र को भेजा। जितेंद्र सुख्खा खेड़ा पहुंचकर अवधेश को एक इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगते ही अवधेश की तबीयत और बिगड़ गई। अवधेश की तबीयत बिगड़ता देख परिजन परेशान होने लगे। तब अम्बर पाल को बुलाया अम्बरपाल आकर अवधेश को एक और इंजेक्शन लगा दिया। जिससे उसकी हालात और नाजुक होती चली गई। उल्टी होने लगी शरीर में ऐंठन होने लगी और वह बेहोश हो गए। जिसके बाद अवधेश को उठाकर माल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने अवधेश को मृत घोषित कर दिया। अम्बर पाल व कंपाउंडर जितेंद्र मौके से इंजेक्शन का लेवन लेकर मौके से फरार हो गया। घटना के बाद आक्रोशित परिजन व ग्रामीणों ने गांव से कुछ ही दूरी पर माल से जेहटा मार्ग जाने वाले मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। माल पुलिस शव का पंचनामा करने के लिए जबरदस्ती दबाव बनती रही, लेकिन ग्रामीणों का कहना था कि जब तक झोलाछाप डॉक्टर को पकड़कर पुलिस हिरासत में नहीं लिया जाएगा तब तक तक शव नहीं हटाया जाएगा। मृतक अपने पीछे पत्नी शिल्पी व दो बच्चे पुत्र आदर्श पुत्री अमृता को छोड़ गया।
क्या कहते हैं थाना प्रभारी माल
इस संबंध में जब माल थाना प्रभारी से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि मैंने मीडिया सेल को बता दिया है। मैं बता नहीं सकता कि मैंने किन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। किस को गिरफ्तार किया है या नहीं किया गया है।
क्या कहते हैं सीओ मलिहाबाद
इस संबंध में सीओ मलिहाबाद में ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत कर मामले की जांच पड़ताल की जा रही है।
क्या कहते हैं एसएसपी ग्रामीण
एसएसपी ग्रामीण हृदेश कुमार ने बताया कि इस संबंध में आरोपियों के खिलाफ अपराध संख्या 248/2022 धारा 304 आईपीसी व 15 (3) इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट व 3 (2)(v) sc/st act पंजीकृत है।



