उत्तर प्रदेश

पुलिस लाइन सभागार में महत्वपूर्ण गोष्ठी का हुआ आयोजन

हरदोई। ​उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक के डीजीपी परिपत्र संख्या 42/25 दिनांक 06.11.25 में उल्लिखित निर्देशों के अनुपालन में जीरो-फेटालिटी डिस्ट्रिक्ट अभियान के अंतर्गत, हरदोई जनपद में 18 थानों के तहत 23 क्रिटिकल कॉरिडोर टीमों तथा 05 क्रिटिकल कॉरिडोर के लिए नामित टीम प्रभारी एवं अन्य सदस्यों द्वारा 07 नवंबर से 13 दिसंबर 2025 तक की गई कार्यवाही की समीक्षा की गई है।

​यह समीक्षा बैठक 14 दिसंबर 2025 को पुलिस अधीक्षक महोदय, जनपद हरदोई, की अध्यक्षता में पुलिस लाइन सभागार कक्ष में प्रातः 10:00 बजे एक महत्वपूर्ण गोष्ठी का आयोजन किया गया।

​मुख्य उद्देश्य एवं निर्देश

​गोष्ठी का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना, त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना तथा क्रिटिकल कॉरिडोर पर प्रभावी पुलिसिंग को सुदृढ़ करना रहा। इस अवसर पर जनपद के 18 थानों से नामित क्रिटिकल कॉरिडोर टीमों के प्रभारी और अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

​पुलिस अधीक्षक ने क्रिटिकल कॉरिडोर टीमों द्वारा किए गए अभियानों, गश्त, यातायात प्रबंधन, दुर्घटना-प्रवण क्षेत्रों की रोकथाम संबंधी कार्रवाई तथा जनपद में सड़क दुर्घटनाओं में आई कमी की सराहना करते हुए, संबंधित रिपोर्टों की समीक्षा की।

​गोष्ठी के दौरान क्षेत्राधिकारी यातायात महोदय द्वारा इन बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने हेतु निर्देश दिए गए:

  1. वैज्ञानिक अनुसंधान: प्रत्येक सड़क दुर्घटना प्रकरण की वैज्ञानिक एवं निष्पक्ष विवेचना सुनिश्चित की जाए, ताकि वास्तविक कारणों की पहचान कर प्रभावी रोकथाम कार्रवाई की जा सके।
  2. पैट्रोलिंग एवं सुधार: क्रिटिकल कॉरिडोर पर सतत पैट्रोलिंग, ब्लैक स्पॉट के चिह्नांकन तथा सुधारात्मक कार्यवाही को और अधिक गतिशील बनाया जाए।
  3. समन्वित बचाव कार्य: दुर्घटना के समय राहत और बचाव कार्य में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने हेतु सभी टीमों के बीच समन्वित समन्वय स्थापित किया जाए।
  4. जागरूकता अभियान: यातायात नियमों के पालन एवं जन-जागरूकता अभियानों को निरंतर सुदृढ़ किया जाए, जिससे आमजन में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़े।
  5. तकनीकी कमियां: मानव-जनित त्रुटियों, वाहन संबंधी तकनीकी कमियों तथा सड़क संरचना से संबंधित खामियों का भी संज्ञान लेते हुए, संबंधित विभागों के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित किया जाए।

​✅ आगामी कार्ययोजना

​गोष्ठी में यह भी अवगत कराया गया कि जनपद में घटित सड़क दुर्घटनाओं के उपलब्ध तथ्यों, तकनीकी साक्ष्यों, गवाहियों एवं जांच रिपोर्टों के आधार पर विस्तृत समीक्षा की गई है। जहां कहीं भी लापरवाही, नियोजन की कमी अथवा पैट्रोलिंग में शिथिलता पाई गई, वहां तत्काल सुधारात्मक उपाय लागू करने के निर्देश दिए गए।

​क्षेत्राधिकारी यातायात ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा पुलिस विभाग की सर्वोच्‍च प्राथमिकताओं में से एक है। समस्त क्रिटिकल कॉरिडोर टीमों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रियता बढाते हुए दुर्घटनाओं में कमी लाने हेतु प्रभावी एवं परिणामोन्मुखी प्रयास सुनिश्चित करें।

​अंत में, सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को दायित्व के प्रति संवेदनशील रहते हुए अनुशासन, सतर्कता एवं टीम वर्क के साथ कार्य करने की अपेक्षा व्यक्त की गई।

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