उत्तर प्रदेश

नाम का ध्यान करने से मनुष्य भवसागर से पार हो सकता है: म०आलोकानन्द

हरदोई। बेनीगंज थाना क्षेत्र के ग्राम बेलवारखेड़ा स्थित जनता इंटर कॉलेज में होली मिलन के शुभ अवसर पर मानव उत्थान सेवा समिति, श्री हंस योग आश्रम हरदोई के तत्वावधान में 12 और 13 मार्च को दो दिवसीय सद्भावना संत सम्मेलन का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत जानिगांव से आए भजन गायक रामनाथ और बरेली से आईं भजन गायिका सपना द्वारा भजन प्रस्तुति से हुई। रामनाथ ने “खाएगा भैया खाएगा, सुमिरन बिन गोता खाएगा” तथा सपना ने “काटना अगर है जिंदगी का सफर, गुरु चरणों में आने का वादा करो” जैसे भजनों की मधुर प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।

उत्तराखंड के नैनीताल आश्रम से आए महात्मा आलोकानन्द ने अपने प्रवचन में कहा कि मनुष्य को मिला यह मानव जीवन परमात्मा की अमूल्य देन है। उन्होंने भजन “तेरे भरोसे मेरी गाड़ी, तू जाने तेरा काम जाने” का अर्थ समझाते हुए कहा कि मनुष्य को इस नश्वर शरीर के मोह में नहीं फंसना चाहिए। एक दिन यह शरीर नष्ट हो जाएगा, इसलिए जीवन का सच्चा उद्देश्य सत्संग और प्रभु नाम का स्मरण करना है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति एकाग्रचित होकर सत्संग सुनता है, उसके जीवन का कल्याण संभव होता है और वह दुखों से मुक्त होकर सुख का अनुभव करता है।

बरेली आश्रम प्रभारी महात्मा तारामती बाई ने कहा कि सद्गुरु की कृपा से ही आत्मज्ञान की प्राप्ति होती है। आज आधुनिकता के प्रभाव में लोग अपनी सनातन संस्कृति को भूलते जा रहे हैं। नई पीढ़ी में आध्यात्मिक संस्कारों का विकास करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने सद्गुरु सतपाल जी महाराज के सामाजिक एवं धार्मिक कार्यों पर भी प्रकाश डाला।

हरदोई आश्रम प्रभारी महात्मा विद्युतानन्द ने कहा कि संतों का सानिध्य ही भक्तों के लिए सबसे बड़ा तीर्थ है। तीर्थों में जाने से अधिक महत्वपूर्ण संतों की सेवा और उनके उपदेशों का पालन करना है। साध्वी गंभीरा बाई ने कहा कि जीवन की सार्थकता भक्ति के रस को प्राप्त करने में है। वहीं महात्मा रामखेलावन ने भी सत्संग के महत्व पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर लखनऊ मंडल के मंडल मीडिया प्रभारी शिवम गुप्ता, मानव सेवा दल के उपजिलाप्रमुख बिहारीलाल, पंकज मौर्य, रामलखन, विजय कुमार, शिवकुमार, दीपा, रोली, शिखा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

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