उत्तर प्रदेश

नोएडा में अंतरराष्ट्रीय साइबर गैंग का पर्दाफाश, नाइजीरिया के दो नागरिक गिरफ्तार

नोएडा। कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर की साइबर क्राइम टीम ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध गिरोह का खुलासा करते हुए नाइजीरिया के दो विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह सहकारी बैंकों की साइबर सुरक्षा में सेंध लगाकर करोड़ों रुपये की अवैध निकासी की साजिश रच रहा था। पुलिस के अनुसार आरोपी “Solar Spider” नामक साइबर थ्रेट एक्टर्स समूह से जुड़े बताए जा रहे हैं।

प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के निर्देश और डीजीपी Rajeev Krishna के नेतृत्व में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई।

खुफिया सूचना पर की गई कार्रवाई

साइबर क्राइम थाना, नॉलेज पार्क थाना और मेरठ जोन की साइबर कमांडो टीम ने संयुक्त अभियान चलाकर आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस को सूचना मिली थी कि “Solar Spider” मॉड्यूल पिछले एक सप्ताह से सक्रिय है और सहकारी बैंकों को निशाना बनाने की तैयारी कर रहा है। इसके बाद पुलिस ने गुप्त निगरानी कर आरोपियों को दबोच लिया।

सहकारी बैंकों से 60–80 करोड़ निकालने की थी साजिश

जांच में सामने आया कि गिरोह उन सहकारी बैंकों को निशाना बनाता था जिनकी साइबर सुरक्षा अपेक्षाकृत कमजोर होती है। आरोपी बैंकों के सिस्टम में सेंध लगाकर लगभग 60 से 80 करोड़ रुपये की रकम अलग-अलग “म्यूल अकाउंट्स” में ट्रांसफर करने की योजना बना रहे थे। इसके बाद इस पैसे को क्रिप्टोकरेंसी के जरिए विदेश भेजने की तैयारी थी।

गुजरात में 7 करोड़ की धोखाधड़ी

पुलिस के मुताबिक 7–8 मार्च को सप्ताहांत के दौरान आरोपियों ने गुजरात के भावनगर स्थित एक सहकारी बैंक से करीब 7 करोड़ रुपये की साइबर ठगी की। आरोपियों ने जानबूझकर बैंक बंद रहने के समय लेनदेन किया ताकि धोखाधड़ी का तुरंत पता न चल सके।

करोड़ों की और ठगी होने से बची

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) और संबंधित बैंकों को अलर्ट किया। समय रहते की गई कार्रवाई से आगे होने वाली करोड़ों रुपये की संभावित साइबर धोखाधड़ी को रोक लिया गया।

अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े तार

पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी एक अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध नेटवर्क का हिस्सा हैं, जिनके संबंध नाइजीरिया और दक्षिण अफ्रीका में सक्रिय गिरोहों से जुड़े हैं। उल्लेखनीय है कि इसी “Solar Spider” नेटवर्क के एक अन्य मॉड्यूल का खुलासा भी गौतमबुद्धनगर पुलिस वर्ष 2025 में कर चुकी है।

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