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यूपी में एलपीजी सिलेंडरों की बड़े अस्तर पर हो रही है कालाबाजारी

प्रदेशभर में 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम, 4108 वितरकों के जरिए उपभोक्ताओं को मिल रही नियमित गैस आपूर्ति

लखनऊ । उत्तर प्रदेश में एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी पर सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए प्रदेशव्यापी कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर खाद्य एवं रसद विभाग तथा जिला प्रशासन द्वारा प्रदेशभर में लगातार निरीक्षण और छापेमारी की जा रही है, ताकि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति में किसी तरह की बाधा न आए।

इसी क्रम में मुख्य सचिव के निर्देश पर शुक्रवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रवर्तन टीमों ने कुल 1,483 स्थानों पर निरीक्षण और छापेमारी की कार्रवाई की। इस दौरान एलपीजी वितरकों के खिलाफ 4 एफआईआर दर्ज की गईं, जबकि कालाबाजारी में संलिप्त अन्य लोगों के खिलाफ 20 एफआईआर दर्ज की गईं। कार्रवाई के दौरान 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 19 व्यक्तियों के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई की गई।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में कार्यरत 4,108 एलपीजी गैस वितरकों के माध्यम से उपभोक्ताओं को उनकी बुकिंग के अनुसार गैस रिफिल की डिलीवरी सुनिश्चित कराई जा रही है। सभी वितरकों के यहां एलपीजी सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और जरूरत के मुताबिक घरेलू सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

वहीं भारत सरकार द्वारा वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों की कुल खपत का 20 प्रतिशत तक आवंटन करने की अनुमति दी गई है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी गैस आपूर्ति प्रभावित न हो।

आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी और समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए खाद्यायुक्त कार्यालय में 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। यहां अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा होम कंट्रोल रूम और प्रदेश के सभी जिलों में भी कंट्रोल रूम स्थापित कर दिए गए हैं, जो लगातार काम कर रहे हैं।

प्रशासनिक अधिकारी फील्ड में लगातार निरीक्षण कर रहे हैं, ताकि प्रदेश के किसी भी हिस्से में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति बाधित न हो और आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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