उत्तर प्रदेश

सरकारी वाहनों के लिए प्रदूषण प्रमाण पत्र अनिवार्य, 15 दिनों के अंदर लेना होगा प्रमाण पत्र

लखनऊ। शासन ने सभी सरकारी वाहनों व पुलिस के वाहनों के लिए 15 दिनों के अंदर प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र बनवाया जाना अनिवार्य कर दिया गया है। प्रदेश में पंजीकृत कुल 60695 सरकारी वाहन हैं, जिसमें से मात्र 12972 के पास ही वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र है।
प्रमुख सचिव परिवहन एल. वेंकटेश्वर लू ने गुरुवार को इस संबंध में आदेश जारी किया। इसमें कहा गया है कि वायु प्रदूषण नियंत्रण संबंधी कार्य राज्य सरकार की प्राथमिकता में है। केंद्रीय मोटरयान नियमावली में प्रदूषण नियंत्रण के मानक निर्धारित किए गए हैं। इसमें यह व्यवस्था की गई है कि पंजीयन के एक वर्ष बाद प्रत्येक वाहन पर प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र रखा जाएगा। प्रदूषण की जांच के लिए प्रत्येक जिले में निजी क्षेत्र में प्रदूषण जांच केंद्र स्थापित है, जहां प्रदूषण की जांच कराकर प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र प्राप्त किया जा सकता है। राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा के साथ-साथ प्रदूषण नियंत्रण की कार्रवाई को भी अभियान के रूप में संचालित करने का निर्देश दिया। आदेश में सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों, सचिवों तथा विभागाध्यक्षों से अपने अधीनस्थ सभी सरकारी वाहनों का प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र पत्र बनवाने को कहा गया है।

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