राजधानी वासियों के लिए सिर दर्द तो ट्रैफिक पुलिस चुनौती है ई-रिक्शा!

लखनऊ। ई-रिक्शा चालक राजधानी वासियों के लिए सिर दर्द बने हुए है। यह रिक्शा चालक ट्रैफिक पुलिस के लिए भी चुनौती है। यातायात के नियमों को पालन करने वाले लोगों की माने तो यह रिक्शा चालक चौराहों पर झुण्ड लगाकर सड़क के दोनों तरफ खड़े हो जाते है। जब ट्रैफिक पुलिस इन्हें हटाने एवं चलान करने लगती है तो यह अपनी गरीबी को ढाल बनाकर इमोसनल ब्लैकमेल करने लगते है। अगर कोई आम नागरिक इन्हें किनारे रिक्शा खड़ी करने को कह दे तो यह गाली-गलौज एवं मारपीट पर भी उतारू हो जाते है।
जानकारों की माने तो बुद्धेश्वर, दुबग्गा, चारबाग, आईटी चैराहा, नाका, अमीनाबाद, लाटूस रोड, कैसरबाग, हुसैनगंज सहित तमाम ऐसे चैराहे है जहां ई-रिक्शा सैकड़ों की संख्या में देखे जा सकते है। यह अपनी गरीबी को ढाल बनाते हुए मनमानी का खेल खेलते है। मनमानी तो इस कदर है कि ई-रिक्शा को नाबालिग चलाते देखे जा सकते है। राजधानी में लगभग सैकड़ों ऐसे ई-रिक्शा चालक है जिनके पास तो ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं है। राजधानी में ई-रिक्शा की संख्या कई लाख में हो चुकी है। उसके बावजूद भी लगातार इसकी खरीद फरोक्त हो रही है। लखनऊ आरटीओ से इस सम्बंध में आरटीआई के माध्यम से ई-रिक्शों की संख्या की जानकारी मांगी गई है। जिसे अभी उपलब्ध नहीं कराया गया गया है। ट्रैफिक अधिकारियों की माने तो ई-रिक्शा चालक यातायात के नियमों का पालन भी नहीं करते है। राजधानी में रोजाना सैकड़ों ई-रिक्शा का चलान किया जाता है। उसके बावजूद भी यह चालक मनमाने तरीके से सवारियों को जबरन बैठाने एवं लापरवाहीं वाहन चलाने का कार्य करते है। कई बार तो उन्हें चालान के नाम पर डराने का प्रयास भी किया जाता है लेकिन कुछ तो ऐसे ढीठ चालक है कि यह कहकर पुलिस पर दबाव बनाने का प्रयास करते है हम चलान जमा ही नहीं करेंगे। उल्टा पुलिस पर धन उगाही का आरोप लगाने लगते है। विभिन्न परिस्थितियों में कई ई-रिक्शा चालकों की गाड़ियों को सीज भी किया जाता है, लेकिन इसका असर किसी ड्राइवर पर नहीं बल्की ई-रिक्शा मालिक पर पड़ता है। ई-रिक्शा चालकों की लापरवाही के कारण राजधानी में लगातार एक्सीडेंट की संख्या बढ़ रहा है।
वरिष्ठ ट्रैफिक अधिकारियों की माने तो जाम की समस्या से निजात पाने के लिए तमाम योजनाएं बनायी गयी है। उसका कड़ाई से पालन भी कराया जा रहा है, लेकिन त्योहारों के मद्देनजर शहर के कई इलाकों में ट्रैफिक नियमों का कड़ाई से पालन नहीं हो पा रहा है। उसके बाजवूद नियमों को उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चालान एवं वाहन सीज की कार्रवाई की जाती है।



