ईओडब्ल्यू की बड़ी कार्रवाई: कर्मभूमि रियल स्टेट कंपनी का निदेशक महिपाल सिंह गिरफ्तार

मथुरा/लखनऊ। आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू), उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे विशेष गिरफ्तारी अभियान के तहत करोड़ों रुपये की निवेश धोखाधड़ी के मामले में वांछित अभियुक्त एवं कर्मभूमि रियल स्टेट कंपनी लिमिटेड के निदेशक महिपाल सिंह को मथुरा से गिरफ्तार कर लिया गया है।
ईओडब्ल्यू के विशेष प्रकोष्ठ लखनऊ द्वारा विवेचित अन्वेषण संख्या 44/2023 एवं मुकदमा अपराध संख्या 03/2023, धारा 409, 467, 468, 471 एवं 120-बी भारतीय दंड संहिता के तहत वांछित चल रहे अभियुक्त महिपाल सिंह पुत्र स्व. धर्मवीर सिंह, निवासी छटिकरा, थाना जैत, जनपद मथुरा को 06 जून 2026 को ईओडब्ल्यू कानपुर सेक्टर की टीम ने गिरफ्तार किया।
100 करोड़ रुपये की निवेश धोखाधड़ी का आरोप
जांच में सामने आया कि कर्मभूमि रियल स्टेट कंपनी लिमिटेड के निदेशकों ने वर्ष 2011 से 2015 के बीच उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों—मथुरा, कानपुर, बिजनौर, मुरादाबाद, शाहजहांपुर एवं लखीमपुर खीरी आदि में कंपनी की शाखाएं खोलकर लोगों को कम समय में धन दोगुना करने तथा सस्ते दामों पर प्लॉट और फ्लैट उपलब्ध कराने का लालच दिया।
कंपनी ने जनता से लगभग 100 करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त किया, लेकिन निवेशकों को न तो वादा किए गए प्लॉट और फ्लैट दिए गए और न ही उनका धन वापस किया गया। आरोप है कि कंपनी के निदेशकों ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत निवेशकों की धनराशि का गबन कर लिया और कंपनी के कार्यालय बंद कर फरार हो गए।
छह निदेशकों के खिलाफ दर्ज है मुकदमा
उत्तर प्रदेश शासन के आदेश पर ईओडब्ल्यू द्वारा मामले की जांच की गई। जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर ईओडब्ल्यू कानपुर सेक्टर ने कंपनी के निदेशक महिपाल सिंह समेत कुल छह निदेशकों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कराया था।
विवेचना के दौरान यह भी पाया गया कि महिपाल सिंह ने अन्य सह-अभियुक्तों के साथ मिलकर फर्जी कंपनी के माध्यम से धोखाधड़ी एवं जालसाजी कर निवेशकों की लगभग 100 करोड़ रुपये की धनराशि का गबन किया।
शेष पांच आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस महानिदेशक, ईओडब्ल्यू, उत्तर प्रदेश के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह गिरफ्तारी की गई है। ईओडब्ल्यू अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है, जबकि मामले में वांछित अन्य पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास लगातार जारी हैं।



