श्री कृष्ण दत्त अकैडमी में स्वामी विवेकानंद जयंती पर कार्यक्रम: सर्वजन हिताय संरक्षण समिति ने दी पुष्पांजलि

लखनऊ। ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ के उपलक्ष्य में श्री कृष्ण दत्त अकैडमी, वृंदावन में स्वामी विवेकानंद जी की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर सर्वजन हिताय संरक्षण समिति की ओर से स्वामी जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया गया।
युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं स्वामी जी के विचार
कार्यक्रम में समिति की प्रतिनिधि रीना त्रिपाठी ने प्रतिभाग किया। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज के डिजिटल और तकनीक प्रधान युग में भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने पहले थे। उन्होंने स्वामी जी के प्रसिद्ध कथन को दोहराते हुए कहा— “तुम मुझे 100 ऊर्जावान युवा दो, मैं सारा विश्व बदल दूंगा।” श्रीमती त्रिपाठी ने जोर देकर कहा कि:
- युवा ही राष्ट्र का भविष्य हैं और उनकी जागरूकता ही देश को नई दिशा देगी।
- शिक्षा केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और आत्मविश्वास का साधन होनी चाहिए।
- आज का युवा जो मानसिक तनाव और प्रतिस्पर्धा से जूझ रहा है, उसे स्वामी जी के मंत्र “शरीर में बल, मन में साहस और आत्मा में विश्वास रखो” को अपनाना चाहिए।
शिकागो के ऐतिहासिक संबोधन को किया याद
कार्यक्रम के दौरान स्वामी जी के 1893 के शिकागो विश्व धर्म संसद के उस ऐतिहासिक क्षण को याद किया गया, जब उनके मात्र एक संबोधन “अमेरिका के भाइयों और बहनों” ने पूरे विश्व को भारत की आध्यात्मिक शक्ति से परिचित करा दिया था। वक्ताओं ने बताया कि कैसे स्वामी जी ने पश्चिमी जगत को यह सिद्ध कर दिखाया कि भारत केवल अभावों का नहीं, बल्कि सहिष्णुता, ज्ञान और श्रीमद्भगवद्गीता जैसे महान ग्रंथों की जननी है।
विश्व गुरु बनाने का संकल्प
मात्र 39 वर्ष की अल्पायु में विश्व पटल पर भारत का गौरव बढ़ाने वाले स्वामी विवेकानंद जी को नमन करते हुए सभी ने संकल्प लिया कि वे अपनी अंतर्निहित शक्तियों को जागृत कर समाज सेवा और राष्ट्र को ‘विश्व गुरु’ बनाने में अपना योगदान देंगे।
इस अवसर पर वरिष्ठ शिक्षिका श्वेता दीक्षित एवं विद्यालय के समस्त स्टाफ ने भी अपने विचार व्यक्त किए और स्वामी जी को पुष्पांजलि अर्पित की।



