लखनऊ में दो सगी बहनों ने फिनायल पीकर दी जान

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र अंतर्गत धौंदा खेड़ा जलालपुर गांव में बुधवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। यहां सगी बहनों ने फिनाइल पीकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में मातम पसर गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोनों बहनें बुधवार को घर से रोजमर्रा का सामान लेने के लिए पास की दुकान पर गई थीं। दुकान से लौटने के कुछ समय बाद ही उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। दोनों को उल्टियां होने लगीं और हालत तेजी से खराब होने लगी। परिजन जब तक कुछ समझ पाते, तब तक दोनों की स्थिति गंभीर हो चुकी थी।
घबराए परिजनों ने बिना देर किए दोनों बहनों को तत्काल रानी लक्ष्मीबाई संयुक्त चिकित्सालय पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उनकी हालत नाजुक बताते हुए उन्हें ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। ट्रॉमा सेंटर पहुंचने पर डॉक्टरों ने बड़ी बहन को मृत घोषित कर दिया, जबकि छोटी बहन ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
घटना की सूचना मिलते ही पारा थाना पुलिस ट्रॉमा सेंटर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं और मामले की जांच शुरू कर दी है।
मृतकों के भाई वीर सिंह ने बताया कि दोनों बहनें घर में पाले गए पालतू कुत्ते से बेहद लगाव रखती थीं। कुत्ते की तबीयत पिछले काफी समय से खराब चल रही थी। परिजनों द्वारा उसका इलाज भी कराया गया, लेकिन हालत में कोई खास सुधार नहीं हो रहा था। इसी बात को लेकर दोनों बहनें मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगी थीं और अवसाद में चली गई थीं। परिजनों का कहना है कि उन्हें इस बात का अंदेशा नहीं था कि बहनें इतना बड़ा कदम उठा लेंगी।
पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान धौंदा खेड़ा निवासी कैलाश सिंह की पुत्रियों के रूप में हुई है। मृतक बहनों में राधा सिंह (24 वर्ष) और जिया सिंह (22 वर्ष) शामिल हैं। पुलिस आत्महत्या के कारणों की गहराई से जांच कर रही है और परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि मानसिक तनाव और अवसाद को समय रहते पहचानना और उसका इलाज कितना जरूरी है। गांव और आसपास के क्षेत्र में घटना को लेकर शोक की लहर है, वहीं हर आंख नम नजर आ रही है।



