दलित किसान की 50 वर्षों से काबिज जमीन पर जबरन कब्जे का आरोप, बिना पैमाइश करने पहुंचे कब्जा

दबंगों ने जेसीबी से फसलें उजाड़ीं, घर में घुसकर की तोड़फोड़
लखनऊ। सरोजनीनगर तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत शिवरी में एक दलित किसान की वर्षों पुरानी जमीन पर जबरन कब्जे का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित किसान महेश व उनकी पत्नी, निवासी शिवरी, का आरोप है कि वह पिछले 50 वर्षों से अधिक समय से उक्त भूमि पर काबिज है और उसी पर खेती कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता आ रहा है। इसके बावजूद दबंगों द्वारा उसे जमीन से बेदखल करने का प्रयास किया जा रहा है। पीड़ित के अनुसार, विपक्षी वीरेंद्र लोधी पुत्र स्वर्गीय सुंदर, अपनी बिरादरी के लोगों और दर्जनों महिलाओं के साथ मौके पर पहुंचा और दबंगई के बल पर जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की। महेश का कहना है कि उसने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि भूमि विपक्षी की है तो सरकारी पैमाइश कराई जाए, जहां विपक्षी की जमीन निकलेगी, वह स्वयं छोड़ देगा, लेकिन इसके बावजूद जबरन कब्जे का प्रयास नहीं रोका गया। आरोप है कि जिस भूमि पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है, वहां पीड़ित परिवार वर्षों से खेती करता चला आ रहा है। इस जमीन पर आम, नींबू सहित अन्य फलदार पेड़ और खड़ी फसलें थीं, जिन्हें कथित तौर पर जेसीबी मशीन से नष्ट कर दिया गया। पीड़ित का यह भी आरोप है कि दबंगों द्वारा रात के समय भी अवैध कार्य कराया गया, जिससे परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर है। महेश ने आरोप लगाया कि भाड़े पर लाई गई कुछ महिलाओं से घर में घुसकर तोड़फोड़ कराई गई और परिवार को जान से मारने की धमकियां दी गईं। पूरे घटनाक्रम की सूचना तत्काल क्षेत्रीय पुलिस चौकी को दी गई। इस संबंध में घुरघुरी तालाब चौकी इंचार्ज ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। पुलिस टीम मौके पर जाकर दोनों पक्षों से जमीन से संबंधित दस्तावेज तलब किए गए हैं। कागजातों की जांच के बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच, तत्काल भूमि की पैमाइश कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट कराने और दबंगई के बल पर कब्जा करने का प्रयास करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि वर्षों से काबिज दलित किसान को न्याय मिल सके।



