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जनता की सुरक्षा के लिए जनता से ही करनी पड़ रही अपील

लखनऊ। जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन को है और शासन-प्रशासन लगातार हो रहे घटनाओं से आहत एवं सरकारी धन की क्षति को देखते हुए जनता से ही उनकी जान की सुरक्षा के लिए अपील कर रही है। बीते 15 दिन में हुए हादसों में शासन प्रशासन को हिला कर रख दिया है। इन हादसों में लगभग 50 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं सैकड़ों लोग अस्पताल में जिंदगी और मौत की जद्दोजहद से जूझ रहे हैं। यह हादसे इटौंजा, सीतापुर सहित कानपुर में हुए हैं। प्रशासन को अब जनता से ही अपील करनी पड़ रही है कि वह ट्रैक्टर ट्राली का प्रयोग सवारी गाड़ी के रूप में ना करें या यूं कहें कि किसी भी भार वाहन पर सवार होकर यात्रा न करें।घटनाओं को देखते हुए योगी सरकार ने ट्रैक्टर ट्रॉली पर सवारी बैठाने वालों के खिलाफ 10 हजार का जुर्माना एवं एमबी एक्ट धारा 66 के तहत कार्रवाई करने का आदेश पारित किया है। उसके बावजूद भी ट्रैक्टर ट्रॉलियों पर सवारी बैठाने का कार्य बंद नहीं हो रहा है। अगर जब कोई पुलिसकर्मी ट्रैक्टर ट्रॉली वाले के खिलाफ कार्रवाई भी करता है तो कुछ छूट भैइये नेता गाड़ी छुड़वाने के लिए हुजूम लेकर थाने व चौकी पहुंच जाते हैं। मजबूरन पुलिस को कार्रवाई करने के बजाय जनता को ही उनकी सुरक्षा के लिए समझाना पड़ता है। ऐसे ही एक मामला काकोरी के घुरघुरी तालाब पर हुआ। जहां नया ट्रैक्टर ट्रॉली खरीदने पर ट्रैक्टर मालिक पूरे परिवार के साथ देवी दर्शन के लिए जा रहा था। जिसे घूरघरी तालाब पुलिस ने रोक लिया। गाड़ी रुकते ही कई लोगों के सिफारिश के फोन आने लगे मजबूरन पुलिस को ट्रैक्टर ट्रॉली छोड़नी पड़ी और ट्रैक्टर ट्रॉली में सवार लोगों को उतारकर सवारी गाड़ी से उनके गंतव्य को भेजा गया। ऐसे कई मामले निगोहा माल मोहनलालगंज सहित इटौंजा में हुए। जहां पुलिस ने सभी को समझा कर व हिदायत देकर छोड़ दिया। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि ऐसी गलती दोबारा नहीं करेंगे। जान है तो जहान है।

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