
लखनऊ। ठाकुरगंज पुलिस ने फरीदपुर में आरटीओ अफसर बनकर ड्राइवर को अगवा कर डीसीएम लूटने वाले गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने डीसीएम में लदे टमाटर कन्नौज के एक किसान को 75 हजार रुपये में बेचे थे। लूट की साजिश रचने वाला गिरोह का मुख्य आरोपी फरार है। एसीपी चौक आईपी सिंह के मुताबिक पारा निवासी पिंकल सिंह, ऐशबाग निवासी अभिषेक सिंह, उन्नाव निवासी सद्दाम, विवेक सिंह और हुसैनगंज निवासी धर्मेंद्र पाल को मूसाबाग से पकड़ा गया। आरोपियों के पास से 14 जुलाई को लूटी गई डीसीएम बरामद हुई है। पूछताछ में पिंकल ने बताया कि गिरोह का सरगना जितेंद्र गुप्ता है। जितेंद्र ने हाईवे पर ट्रक ड्राइवरों को निशाना बनाने की साजिश रची थी। उसने दावा किया था कि माल लदे ट्रक को लूटे जाने पर दोहरा फायदा होता है। वह लोग कई दिनों से फरीदपुर पेट्रोल पम्प के पास रात में गाड़ी लगा कर खड़े हो रहे थे। 14 जुलाई को टमाटर लदी डीसीएम पम्प के पास नजर आई। जिसमें ड्राइवर अकेले था। पिंकल के मुताबिक आरटीओ दस्ते की तर्ज पर उन लोगों ने डीसीएम को चेकिंग के लिए रुकवा लिया। जितेंद्र ने ड्राइवर से गाड़ी के कागज दिखाने के लिए कहा। इस बीच गिरोह के अन्य सदस्य गेट खोल कर डीसीएम में चढ़ गए। ड्राइवर को नीचे घसीट कर सूमो में बैठा लिया गया।
75 हजार में बेचे थे 242 कैरेट टमाटर
पूछताछ के दौरान पिंकल ने पुलिस को बताया कि ड्राइवर को बंधक बनाने के बाद वह लोग उन्नाव की तरफ चले गए। रास्ते में बड़ागांव के करीब ड्राइवर को सड़क किनारे फेंक दिया। वहीं, डीसीएम एक बाग में छिपा दी। जितेंद्र ने कन्नौज के छिबरामऊ के किसान गंगाधर से पहले ही बात कर ली थी। जिसे डीसीएम में लदे 242 कैरेट टमाटर बेचे थे। जिससे 75 हजार रुपये मिले। 60 हजार रुपये नगद मिले, जबकि 15 हजार रुपये जितेंद्र के खाते में भेजे गए। टमाटर बेचने के बाद वह लोग डीसीएम भी बेचने की तैयारी में थे।



