सीआईएसएफ में नौकरी का झांसा देकर हड़पे सात लाख

लखनऊ। सीआईएसएफ रांची यूनिट में उपनिरीक्षक के पद पर नियुक्ति कराने का झांसा देते हुए ठगों ने सात लाख रुपये हड़प लिए। पीड़ित ने गाजीपुर थाने में जालसाजी का मुकदमा दर्ज कराया है।
अमरोह महमूदपुर निवासी सुरेंद्र गिरि की पहचान गाजीपुर निवासी नीरज गिरि से थी। जो आयकर विभाग में निरीक्षक होने का दावा करता था। अक्टूबर 2020 में सुरेंद्र लखनऊ आए थे। नीरज से मुलाकात होने पर सुरेंद्र ने परिवार का हालचाल लिया था। इस दौरान ही नीरज ने सुरेंद्र से उनके बेटे निशांक गिरि की नौकरी की बात की थी। नीरज का दावा था कि सौरभ तिवारी निवासी अम्बेडकरनगर के जरिए सीआईएसएफ में नौकरी लग सकती है। लेकिन सुरेंद्र ने उस वक्त कोई जवाब नहीं दिया था। पीड़ित के मुताबिक अमरोहा वापस आने के बाद नीरज अक्सर फोन कर नौकरी की बात करता रहा। इस कारण वह बातों में उलझ गए। पूर्व परिचित होने के चलते सुरेंद्र ने हामी भर दी थी। इसके बाद निशांक की नौकरी सीआईएसएफ रांची यूनिट में लगवाने का दावा किया गया था। इसके बदले दस लाख रुपये खर्च होने थे। लेकिन नीरज ने सात लाख रुपये पहले और तीन लाख नौकरी के बाद देने के लिए कहा था। ऐसे में सुरेंद्र ने अलग-अलग तारीखों में नीरज और सौरभ तिवारी को सात लाख रुपये दिए थे।
सुरेंद्र के मुताबिक दिसंबर में रुपये मिलने के बाद नीरज और सौरभ ने रांची में ट्रेनिंग होने की बात कही थी। 25 मई 2021 को निशांत दोस्त दानिश के साथ रांची के लिए निकला था। लेकिन रास्ते में ही नीरज ने फोन कर बोकारो में उतरने को कहा था। जिस पर निशांत और दानिश बोकारो में रुक गए थे। वहां पर उनकी मुलाकात अर्जुन तिवारी से हुई थी। जिसको भी नौकरी लगवाने का झांसा देकर बुलाया गया था। सुरेंद्र के अनुसार बोकोरो में ही कुछ लोगों ने निशांक और अर्जुन से मुलाकात की थी। दोनों को एक मकान में ले जाया गया था। जहां कुछ लोग मौजूद थे। जिसमें से एक व्यक्ति ने एप्रेन पहन रखा था और डॉक्टर होने का दावा किया था। कमरे में ही दोनों का मेडिकल चेकअप करने के बाद उन्हें घर लौटा दिया गया था। सुरेंद्र के अनुसार अमरोहा लौटते वक्त निशांक के व्हाटसएप पर एक पीडीएफ फाइल आई थी। जिसमें सीआईएसएफ में चयन होने की बात लिखी थी। घर पहुंच कर निशांक ने पिता को नियुक्ति पत्र दिखाया था। सुरेंद्र के मुताबिक पीडीएफ फाइल से नियुक्ति पत्र भेजे जाने पर उन्हें संदेह हुआ था। जांच करने पर पता चला कि फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार किया गया है। नीजर की सच्चाई पता चलने पर सुरेंद्र ने रुपये लौटाने के लिए कहा था। जिस पर आरोपी धमकी देने लगे। इंस्पेक्टर रामेश्वर कुमार के अनुसार सुरेंद्र की तहरीर पर नीरज गिरि, सौरभ तिवारी, विमल व पांच अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।



