लखनऊ

एलडीए कर्मचारी खाली प्लॉटों पर ब्रोकर की मदद से कर रहे धोखाधड़ी!

पुलिस के साथ विभाग ने भी शुरू की जांच
लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण के कर्मचारी द्वारा खाली प्लॉटों पर ब्रोकर की मदद से धोखाधड़ी करने की बात साफ हो गयी। इस सम्बंध में गोमतीनगर थाना क्षेत्र में पूर्व में मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। जिसमें करोड़ों की जमीन फर्जी दस्तावेज के आधार पर बेचने का मामला प्रकाश में आया था। जिसकी जांच अभी पुलिस कर ही रही है। गोमतीनगर पुलिस की माने तो लखनऊ विकास प्राधिकरण ( एलडीए) कर्मचारियों की मदद से जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कर करोड़ों की जमीन बेचने के मामले में जांच तेज कर दी गई है। एलडीए ने भी इस मामले के साथ विभाग की योजना के प्लाट की रजिस्ट्री में हुए घोटाले के लिए स्पेशल टीम लगा दी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक पचास के करीब प्लाट के दस्तावेज में 20 नवंबर 2021 से अब तक विभागीय जांच में मामले सामने आ चुके हैं। जिसमें विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत भी सामने आई है। पूर्व में इन्हीं से जुड़े पांच लोगों को गिरफ्तार कर ठगी के गिरोह का खुलासा किया गया था। यह गिरोह एलडीए के लिपिक और वहां के कर्मचारियों की मदद से जमीन और दस्तावेजों में हेराफेरी कर जमीन की खरीद फरोख्त का खेल कर रहा था।
एलडीए की विभागीय जांच में भी कर्मचारियों व ब्रोकर की मदद से एलडीए के प्लाट की रजिस्ट्री में खेल की बात सामने आई है। इसके लिए विभागीय स्पेशल टीम पुलिस के हाथ लगे पांच लोगों के सहयोगियों की तलाश शुरू कर दी है। इसमें दो लिपिक और एक चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी का नाम सामने आया है। जल्द ही इन लोगों पर पुलिस व विभागीय कार्रवाई हो सकती है। एलडीए सचिव पवन कुमार गंगवार के मुताबिक जिन भूखंड की रजिस्ट्री में खेल होने की आशंका है, उनकी जांच की जा रही है। जल्द ही दोषियों पर कार्रवाई होगी।

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