अपना ही खून निकला हत्यारा, मां-बाप और भाई की थी हत्या

तीनों को खाने में पहे नशीला पदार्थ दिया था उसके बाद गला रेतकर मौत के घाट उतार दिया
लखनऊ। विकासनगर सेक्टर दो में रहने वाले इंडियन आयल कारपोरेशन से सेवानिवृत महमूद अली खां, उनकी पत्नी दरक्षा और बेटे सावेज की हत्या उनके दूसरे बेटे नहीं की थी। तीनों को खाने में पहले नशीला पदार्थ दिया गया था, उसके बाद गला रेतकर मौत के घाट उतार दिया गया। इस घटना को अंजाम देने के बाद लाश को ठिकाने लगाने के लिए अनिल कुमार यादव को अपने साथ मिला लिया। यह सौदा एक लाख अस्सी हजार रुपये में तय हुआ था। आपको जानकर हैरानी होगी कि ये घटना किसी और ने नहीं, बल्कि महमूद अली के सगे दूसरे बेटे ने ही किया था। बख्शी का तालाब पुलिस उसे हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस ने इस मामले में सरफराज नवाज खान पुत्र महमूद अली निवासी 2/516 विकास नगर थाना विकासनगर, अनिल कुमार यादव पुत्र झब्बूलाल यादव निवासी मोहिनीपुरवा थाना ठाकुरगंज को गिरफ्तार किया है।
विदित हो कि इटौंजा में माल रोड के किनारे छह जनवरी को अज्ञात युवक का शव मिला था। युवक की गला रेतकर हत्या की गई थी। पुलिस ने शिनाख्त की काफी कोशिश की, लेकिन तब सफलता नहीं मिली। इसके बाद मलिहाबाद में एक बुजुर्ग का शव मिला, उनकी भी गला रेतकर हत्या की गई थी। इसके अगले दिन माल में बुजुर्ग महिला का शव बरामद किया गया। यहां भी हत्या का तरीका वही था। लखनऊ ग्रामीण पुलिस को संदेह हुआ और तीनों शवों के पोस्टमार्टम रिपोर्ट की मिलान की गई तो पता चला कि उनकी हत्या एक ही तरीके से की गई है। बस, फिर क्या था। पुलिस ने पड़ताल शुरू कर दी।
उधर, कई दिन से महमूद, दरक्षा और सावेज के नजर नहीं आने पर रिश्तेदारों ने उनकी खोजबीन शुरू की। महमूद की बेटी और दामाद से भी इसके बारे में जानकारी मांगी गई। इसपर बेटी ने बताया कि उसके पास सावेज का मैसेज आया था, जिसमें पांच जनवरी को तीनों के कश्मीर घूमने के लिए ट्रेन से निकलने की जानकारी दी गई थी। चार दिन पहले सावेज के फोन से वॉट्सऐप मैसेज आया था, भूस्खलन के कारण उनके जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग पर फंसे होने की जानकारी दी गई थी। सावेज ने लिखा था कि पिता की तबीयत भी खराब है। इसके बाद से उनसे संपर्क नहीं हुआ।
बीकेटी पुलिस छानबीन में लगी थी। इस बीच बुजुर्ग दंपती और उनके बेटे के जम्मू-श्रीनगर हाईवे से लापता होने की बात सामने आयी। महमूद अली के रिश्तेदारों ने जम्मू पुलिस से शिकायत की थी। पुलिस ने शवों की पहचान कर उनके परिवार के लोगों की तलाश शुरू की। इसके बाद महमूद अली की बेटी और दामाद से संपर्क कर जानकारी ली गई। पूछताछ में महमूद के दूसरे बेटे सरफराज पर शक गहराया, जिसके बाद मंगलवार रात में पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।
पुलिस से पूछताछ में महमूद की बेटी और दामाद ने उनके जम्मू जाने की कहानी दोहराई। दोनों ने वॉट्सऐप पर फोटो भी दिखाया और कहा कि उन्हें सावेज ने भेजे थे। पुलिस ने पड़ताल की तो पता चला कि सावेज, महमूद और दरक्षा के मोबाइल फोन की लोकशन लखनऊ में थी। वहीं, फोटो कश्मीर की भेजी गई थी। बस, फिर क्या था। पुलिस ने सर्विलांस के जरिए पड़ताल की तो पता चला कि सरफराज ने ही गुमराह करने के लिए झूठी कहानी रची थी और बहन को सावेज के फोन से वॉट्सऐप मैसेज किया था। छानबीन में पता चला कि आरोपित ने माता-पिता व भाई के खाने में नशीला पदार्थ मिला दिया था। इसके बाद विकासनगर स्थित घर में ही उनकी गला रेतकर हत्या कर दी थी। पूछताछ में पता चला है कि आरोपित ने संपत्ति की लालच में घटना की है। पूछताछ में सरफराज ने पुलिस को बताया कि उसके माता-पिता और भाई उसको तवज्जों नहीं देते थे। कोई भी उसकी बात नहीं सुनता था और अक्सर तीनों उसे बेवजह टोकते रहते थे। माता-पिता उससे ज्यादा सावेज की परवाह करते थे। इसकी वजह से वह परेशान था और उसने तीनों की हत्या कर दी। बीकेटी पुलिस बुधवार को वारदात का राजफाश करेगी।



