
लखनऊ। पुलिस कमिश्नरेट दक्षिणी जोन के अंतर्गत बंथरा थाना पुलिस ने गैर इरादतन हत्या के एक महत्वपूर्ण मामले में बड़ी सफलता प्राप्त की है। पुलिस ने महीनों से फरार चल रहे वांछित आरोपी रंजीत रावत को मुखबिर की सूचना पर शनिवार तड़के ग्राम काजीखेड़ा, थाना मलिहाबाद क्षेत्र से गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पूरा मामला 19 अगस्त 2025 को कटिबगिया चौराहे पर मोटरसाइकिल का पंक्चर बनवाने गए 25 वर्षीय प्रदीप की मनीष और रंजीत रावत द्वारा डंडों, लात-घूंसों से पिटाई कर दी गई थी। घर लौटने पर प्रदीप बेहोश हो गया और परिजनों द्वारा उसे प्रसाद अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उपचार के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के आधार पर थाना बंथरा में गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था। बंथरा पुलिस ने घटना स्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच की और मुखबिरों की सहायता से मनीष और रंजीत की संलिप्तता की पुष्टि की। मनीष रावत को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि रंजीत मामले में फरार चल रहा था। लगातार तलाश कर रही पुलिस टीम को 15 नवंबर 2025 की रात मुखबिर से मिली सूचना पर बड़ी सफलता मिली। पुलिस टीम ने दबिश देकर रंजीत रावत (24 वर्ष) को गिरफ्तार किया। आरोपी मजदूरी का कार्य करता है और लंबे समय से गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहा था। थाना बंथरा पुलिस टीम की इस कार्रवाई की उच्चाधिकारियों ने सराहना की है। टीम ने कड़ी मेहनत, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र के सहयोग से आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की। पुलिस का कहना है कि कानून से भागने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।



