अपराधलखनऊ

हमीरपुर में दरोगा ने शादीशुदा प्रेमिका की रॉड से पीट-पीटकर हत्या की, नग्न शव सड़क किनारे फेंका

हमीरपुर। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां महोबा के कबरई थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर अंकित यादव (2023 बैच) ने अपनी शादीशुदा प्रेमिका किरन सिंह की बेरहमी से हत्या कर दी। आरोपी ने पहले लोहे की रॉड से पीट-पीटकर उसका सिर कुचल दिया, फिर उसके कपड़े उतारकर शव को कार की डिग्गी में भरा और मौदहा–राठ रोड किनारे झाड़ियों में फेंक दिया। अगले दिन जब राहगीरों ने देखा तो कुत्ते शव को नोच रहे थे। घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। किरन का नग्न शव 13 नवंबर की सुबह मौदहा कोतवाली क्षेत्र के रमना गांव के पास मिला। खून करीब 20 मीटर तक फैला हुआ था। पोस्टमॉर्टम में सिर की हड्डी टूटने और गले में कसाव के गंभीर निशान पाए गए। पुलिस ने तत्काल तीन टीमें गठित कीं। कॉल डिटेल रिकॉर्ड और परिजनों से पूछताछ के आधार पर पता चला कि किरन का दरोगा अंकित यादव से प्रेम संबंध था। इसके बाद पुलिस ने रविवार सुबह महोबा में स्थित उसके सरकारी आवास से उसे गिरफ्तार कर लिया।किरन का पति विनोद CRPF में कार्यरत है। परिवार ने आरोप लगाया है कि शादी के एक साल बाद विनोद 2 लाख रुपए और ब्रेज़ा कार की मांग करने लगा था। दहेज न मिलने पर उसने किरन को पीटकर जहर पिला दिया था। इसी मामले में किरन ने मुकदमा दर्ज कराया था, जिसकी जांच अधिकारी स्वयं SI अंकित यादव था। थाने आते-जाते दोनों के बीच नजदीकी बढ़ती गई और वे अक्सर साथ में घूमने लगे। एसपी दीक्षा शर्मा के अनुसार, 12 नवंबर को किरन और अंकित कार से घूमने निकले थे। इसी दौरान किसी बात पर दोनों के बीच झगड़ा हो गया। गुस्से में अंकित ने कार में रखी लोहे की रॉड से किरन पर कई वार किए, जिससे उसका सिर फट गया और मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद उसने शव से कपड़े हटाकर उसे झाड़ियों में फेंक दिया ताकि पहचान न हो सके। किरन के भाई सतीश कुमार ने आरोप लगाया कि 12 नवंबर को बहन कोर्ट गई थी, वहीं से उसके पति विनोद ने अपहरण करवाया। सतीश ने कहा कि विनोद और दरोगा अंकित यादव की सांठ-गांठ थी और हत्या में दोनों शामिल हैं। परिजन किरन की सास माया देवी, देवर संजय उर्फ सोनू और ननदोई रामगोपाल को भी साजिश में शामिल बता रहे हैं। मेडिकल के दौरान आरोपी अंकित ने बताया कि किरन उसके केस की जांच के दौरान उसके संपर्क में आई। और वह लगातार 10–10 बार कॉल करती थी और मनाने पर भी नहीं मानती थी। ब्लैकलिस्ट करने के बाद भी नंबर बदलकर कॉल करती रही। उसने झूठे केस में फँसाने की धमकी दी थी।अंकित का कहना है कि इसी तनाव के चलते वह 12 नवंबर को उसे कार से समझाने निकला था, लेकिन रास्ते में वह धमकाने लगी, जिससे वह गुस्से में आकर हत्या कर बैठा। पुलिस ने दरोगा अंकित यादव को हत्या, अपहरण और सबूत मिटाने की धाराओं में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। किरन के परिजनों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के आधार पर पुलिस उसके पति और अन्य ससुरालीजनों की भूमिका की भी जांच कर रही है। यह दर्दनाक घटना पुलिस विभाग की साख और महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

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