उत्तर प्रदेश

पर्वत संरक्षण हमारी सामूहिक ज़िम्मेदारी : पर्वतारोही अभिनीेत मौर्य

कछौना, हरदोई। अंतरराष्ट्रीय पर्वत दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के युवा अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोही अभिनीत मौर्य ने पर्वत संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और ग्लेशियरों को बचाने को लेकर जनजागरूकता का विशेष संदेश दिया। अभिनीत मौर्य ने दुनिया की कई ऊँची और कठिन चोटियों पर तिरंगा फहराया है, कहते हैं कि “पर्वत केवल रोमांच का स्थान नहीं, बल्कि धरती का जल–भंडार, मौसम संतुलन और लाखों लोगों की आजीविका का आधार हैं। इनका संरक्षण करना हम सबकी जिम्मेदारी है।”

पर्वत संरक्षण पर अभिनीत मौर्य का मुख्य संदेश:-
पर्वत दिवस एक दिन नहीं बल्कि एक जिम्मेदारी है, हमें पर्वतीय पर्यावरण, ग्लेशियर और पर्वतीय समुदाय के हितों के लिए संवेदनशील बनना होगा। पर्वतारोही ने बताया कि वे जब भी अभियान के लिए जाते है तो वे साथ में सफाई के लिए विशेष अभियान भी चलाते हैं। जिससे पर्वतों पर सफाई बनी रहे। अभिनीत अब तक माउंट एलब्रुस (यूरोप), माउंट किलिमंजारो (अफ्रीका), माउंट मचोई, फ्रेंडशिप पीक, माउंट यूनम  और माउंट केन्या पर सफल चढ़ाई कर चुके हैं, और कई राष्ट्रीय–अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं।
अभिनीत कहते हैं—“ऊँचाइयाँ हमें साहस देती हैं और जिम्मेदारियाँ याद दिलाती हैं। अगर हम पर्वतों को नहीं बचाएँगे, तो भविष्य की पीढ़ियों तक ये प्राकृतिक विरासत नहीं पहुँच पाएगी।” पर्वत हमें सिखाते हैं कि सबसे कठिन रास्ते ही सबसे खूबसूरत मंज़िल तक ले जाते हैं। वे वर्तमान में अपने आगामी मिशन माउंट एवरेस्ट की तैयारी में लगे हैं और इसके माध्यम से भी पर्वत संरक्षण का संदेश देश–दुनिया तक पहुँचाना चाहते हैं
अभिनीत ने कहा— “मेरा लक्ष्य सिर्फ शिखर तक पहुँचना नहीं, बल्कि हर शिखर से भारतीय ध्वज फहराना और प्रकृति संरक्षण का संदेश देना है।

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