उत्तर प्रदेशलखनऊ

बच्चों को मौसमी सब्जियां और ताजे फल खिलाएं : राज्यपाल

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने राजभवन में आयोजित त्रिदिवसीय 56वीं प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी-2025 के अवसर पर आज प्रदर्शनी के विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर अपने संबोधन में राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा कि राजभवन आम जनता के लिए है और इसे एक जनभवन के रूप में विकसित किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन मॉर्निंग वॉक के लिए आमजन राजभवन आते हैं, जिससे उन्हें विशेष प्रसन्नता होती है। उन्होंने इस बात पर हर्ष व्यक्त किया कि छोटे-छोटे बच्चे यहां घूम रहे हैं, खेल रहे हैं और आनंद ले रहे हैं, जो राजभवन के गौरव और सम्मान को बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि हम सभी का कर्तव्य है कि दूसरों को भी सम्मान दें और उनके गौरव में वृद्धि करें।
राज्यपाल जी ने कहा कि प्रदर्शनी और अन्य आयोजनों के माध्यम से राजभवन को एक शैक्षणिक भवन बनाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे विश्वविद्यालयों, स्कूलों और कॉलेजों के विद्यार्थी, शिक्षक और अन्य गणमान्य व्यक्ति यहां आकर ज्ञानवर्धक अनुभव प्राप्त कर सकें। उन्होंने राजभवन में आयोजित अंतरराष्ट्रीय आलू क्रेता-विक्रेता सम्मेलन-2025 का उल्लेख करते हुए बताया कि इस सम्मेलन का उद्देश्य आलू उत्पादकों, व्यापारियों और निर्यातकों को एक मंच पर लाकर आलू व्यापार और निर्यात को नई दिशा देना था। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के दौरान आलू उत्पादक संगठनों एवं निर्यातकों के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एम0ओ0यू0) संपन्न हुआ, जिसका उद्देश्य राज्य के आलू उत्पादकों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ना और निर्यात प्रक्रिया को सरल एवं प्रभावी बनाना है।

ज्ञातव्य है कि अंतर्राष्ट्रीय आलू क्रेता-विक्रेता सम्मेलन में ताजी सब्जी एवं फल निर्यातक संघ(वाफा) तथा 05 किसान उत्पादक कम्पनियों (एफ0पी0ओ0) के बीच एम0ओ0यू0 हस्ताक्षरित हुए, जिसके अंतर्गत निर्यातक कम्पनियों द्वारा (वाफा) के माध्यम से गुणवत्तायुक्त आलू की खरीददारी की जाएगी। इसके अतिरिक्त मंत्रा एग्री साल्यूशन्स एवं बिसौली ग्रीन ऑग्रेनिक प्रोड्यूसर कम्पनी लिमिटेड के मध्य एम0ओ0यू0 हस्ताक्षरित हुआ।
राज्यपाल जी ने उपस्थित दर्शकों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों को केवल आलू पर निर्भर न रखें, बल्कि उन्हें मौसमी सब्जियां और ताजे फल खिलाएं, जिससे वे शारीरिक रूप से अधिक स्वस्थ और सशक्त बन सकें। उन्होंने पुष्प प्रदर्शनी में भाग लेने वाले बच्चों और महिलाओं की विशेष सराहना की और कहा कि ऐसे आयोजनों से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलता है, बल्कि समाज में रचनात्मकता और सौंदर्यबोध की भावना भी विकसित होती है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त कर भविष्य में और अच्छा प्रदर्शन करने हेतु प्रेरित भी किया।
राज्यपाल जी ने प्रदर्शनी के दौरान आयोजित हेल्थ कैंप की विशेष रूप से चर्चा की और बताया कि इस शिविर में जांच कराने वाले किसानों को निःशुल्क इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे इस अवसर का पूरा लाभ उठाएं और अपनी स्वास्थ्य जांच अवश्य कराएं।
दर्शकों की मांग को देखते हुए राज्यपाल जी ने प्रदर्शनी की अवधि एक दिन और बढ़ाने की घोषण की। अब यह प्रदर्शनी 10 फरवरी तक सभी दर्शकों के लिए खुली रहेगी। उन्होंने कहा कि इस आयोजन को लेकर जनता में जो उत्साह है, वह अत्यंत प्रशंसनीय है और इससे यह प्रदर्शनी और अधिक सफल हो रही है। इस अवसर पर राज्यपाल जी ने व्यक्तिगत वर्ग में सर्वाधिक अंक हासिल करने पर विजेता श्री विश्व नारायण श्रीवास्तव को प्रथम पुरस्कार रू0 51,000/-, श्री ओम प्रकाश लोधी को द्वितीय पुरस्कार रू. 31,000/-, क्राइस्ट चर्च कालेज, लखनऊ को तृतीय पुरस्कार रू. 11,000/- तथा सर्वोत्तम प्रदर्श विजेता श्री आदित्य कुमार को रू0 11,000/- प्रदान कर सम्मानित किया। प्रदर्शनी में सरकारी क्षेत्र में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने हेतु रू. 11,000/- का पुरस्कार अधीक्षक राजभवन उद्यान, लखनऊ को प्रदान किया।फूलों से बनी नवीन आकृतियों में छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर को गणेश जी की प्रतिमा तथा लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ को सौरमण्डल के लिए संयुक्त रूप से प्रथम स्थान, आयुक्त आवास विकास परिषद, लखनऊ को राम मंदिर के लिए द्वितीय स्थान तथा डॉ0 ए0पी0जे0 अब्दुल कलाम टेक्निकल विश्वविद्यालय, लखनऊ को प्यारा घर हेतु तृतीय स्थान से सम्मानित किया गया। इसकेे साथ-साथ उन्होंने समस्त वर्गों के समस्त विजेताओं को भी पुरस्कृत किया।    प्रदर्शनी में गमलों में सदाबहार पत्तीवाले पौधों, गुलाब व अन्य पौधों, जेल में शाकभाजी उत्पादों, मशरूम की खेती, व्यवसायिक फल संरक्षण, फोटोग्राफी प्रतियोगिता, मौनपालकों द्वारा शहद, कैक्टस, बोनसाई आदि प्रदर्शों के विजेताओं को राज्यपाल जी द्वारा चल वैजयंती एवं चल कप पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।

समारोह में राज्यपाल जी ने कुल 81 पुरस्कार, जिसमें 20 चल वैजयंती, 05 चल कप, कलात्मक पुष्प सज्जा महिला वर्ग को 20 पुरस्कार, कलात्मक पुष्प सज्जा 04 से 09 आयु वर्ग को 18 पुरस्कार, कलात्मक पुष्प सज्जा 10 से 16 आयु वर्ग को 18 एवं 06 पुरस्कार विशेष आकर्षण आकृतियों हेतु वितरित किए।
विभागीय अधिकारियों द्वारा अन्य 141 प्रतिभागियों में 213 पुरस्कार तथा शेष विभिन्न वर्गों में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी में 1350 पुरस्कार वितरित किए गए।
ज्ञातव्य है कि पुष्प, फल एवं शाकभाजी प्रदर्शनी में प्रथम दिवस 8500, द्वितीय दिवस को 26,000 एवं तृतीय दिवस को 45,000 से अधिक कुल 80,000 से अधिक आगंतुकों का राजभवन आगमन हुआ। तीन दिवस में कुल लगभग 28,000 से अधिक टिकटों की बिक्री हुई, जिसमें प्रथम दिवस 2690, द्वितीय दिवस 11,310 एवं तृतीय दिवस 14,000 से अधिक टिकटों की बिक्री हुई।
अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण श्री बी.एल. मीणा ने अपने संबोधन में बताया कि इस वर्ष की पुष्प प्रदर्शनी में प्रतिभागियों की संख्या में 20 प्रतिशत से अधिक वृद्धि हुई है। साथ ही, पुरस्कार राशि में भी बढ़ोतरी की गई है, जिससे प्रतियोगियों का उत्साहवर्धन हुआ है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राज्यपाल जी की प्रेरणा से पहली बार राजभवन में अंतर्राष्ट्रीय आलू क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिससे किसानों को अत्यधिक लाभ हुआ। इस सम्मेलन में 5 महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन साइन किए गए, जो आलू उत्पादन, निर्यात और भंडारण से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में सहायक होंगे।
इस अवसर पर लखनऊ की महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल, अपर मुख्य सचिव श्री राज्यपाल डॉ0 सुधीर महादेव बोबडे, आयुक्त लखनऊ मण्डल डॉ0 रोशन जैकब, प्रदर्शनी से जुडे़ अन्य अधिकारीगण, पुरस्कृत प्रतिभागी सहित बड़ी संख्या में प्रदर्शनी देखने आये लोग भी उपस्थित थे।

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