
निगोहां (लखनऊ)। निगोहां थाना क्षेत्र के पुरहिया गांव में घर के बरामदें में सो रहे सुंदर उर्फ मामा (45) की नृशंस तरीके से ईंट और लकड़ी की फंटी से हत्या कर दी गयी। हमलावरों ने वारदात को अंजाम बरमदें में दिया और शव घर से 100 मीटर दूर सीसी रोड के किनारें फेंक दिया। जबकि खून के छीटें छत पर जाने वाली सीढ़ियों पर भी मिले। उधर, घटना की सूचना पर मौके पर डीसीपी दक्षिणी भी पहुंचे और इस हत्याकाण्ड के खुलासें के लिए चार टीमों का गठन किया है। वही, निगोहां पुलिस ने शव को कब्जें में लेकर पीएम के लिए भेज दिया है। पुलिस का दावा है कि कुछ अहम सुराग मिलें हैै,जल्द ही घटना का खुलासा होगा।
रायबरेली बछरावां थाना क्षेत्र के कलुई खेड़ा का 45 वर्षीय सुंदर उर्फ मामा पुरहिया गांव में अपने बहनोई राजाराम उर्फ अनिरुद्ध यहां के पिछले 20 वर्षों से रह रहा था। मृतक अविवाहित था। शुक्रवार को सुंदर खाना खाने के बाद बरामदें में सो गया। जबकि परिवार के अन्य सभी सदस्य छत पर सोए हुए थे। रात में अज्ञात हमलावरों ने लकड़ी की फंटी और पत्थर के टुकड़े से कूचकर हत्या कर दी और शव को घर से करीब 100 मीटर दूर गांव के ही रवि के खेत मे फेंक दिया गया। मृतक की बहन फूलमती ने बताया कि रात करीब 1 बजे खटपट की आवाज सुनकर तो दरवाजा खुला देखा और बाहर देखा तो उसके भाई सुंदर मौके पर नहीं थे और खून से सनी हुई पत्थर उसके बिस्तर पर पड़ा था। फिर, घर के अन्य लोगों को जगाया और घटना की सूचना निगोहां पुलिस को दी मौके पर पहुंची पुलिस ने छानबीन की तो घर के अंदर खून से सनी हुई लकड़ी की फंटी पड़ी मिली और पास में ही लोहे की पाइप पड़ी मिली जो घर के बाहर लगी हुई थी। कमरे के अंदर बक्सा खुला पड़ा था समान भी बिखरा हुआ था। जिसके बाद पुलिस ने आलाधिकारियों को सूचना दी और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वही, मौके पर डीसीपी विनीत जायसवाल भी पहुंचे। घटनास्थल पर डॉग स्क्वायड और फिंगरप्रिंट दस्ते को बुलाया गया। वहीं डॉग स्क्वायड घर और आसपास ही काम्बिंग कर बैठ गया। इस हत्याकांड के खुलासे के लिए चार टीमों को लगाया गया है। इंस्पेक्टर निगोहां विनोद कुमार यादव ने बताया कि मृतक के भांजे सोनू की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले है, कुछ संग्दिधों से पूछतांछ की जा रही है।जल्द ही घटना का खुलासा होगा।
सीढ़ियों पर भी मिले खून के छीटे:- मृतक बरामदे में सोया हुआ था, घर का दरवाजा भी बंद था फिर घर की छत पर खून के धब्बे कैसे पहुंचे ? साक्ष्य बता रहे कि घटना को अंजाम बरामदें में दिया गया तो शव सीसी रोड के किनारे कैसे पहुंचा? पुलिस के मुताबिक घर में कई लोग थे लेकिन इतनी बड़ी वारदात हो गयी और घर वालो को भनक तक नही लगी? इन दिशाओं में भी पुलिस जांच कर रही है।
बिखरा पड़ा था घर का सामान, बार-बार बदल रहे थे बयान:- डीसीपी के मुताबिक मृतक की बहन फूलमती के कमरे में रखा बक्सा खुला पड़ा था, जिसका समान बिखरा हुआ था लेकिन सामान कोई भी गायब नही था। किंतु कुछ देर बाद ही परिजनों ने दावा किया कि बक्से में रखे पायल,बिछिया और दो हजार की नगदी नही थी।
मृतक सहित घर में थे 12 से 14 लोग, किसी को भनक नहीं
मृतक के तीनों भांजे और उनकी पत्नियां और बच्चे समेत 12 से 14 लोग छत पर ही सो रहें थे। छत पर खून की छींटे भी मिलें। इतनी बड़ी वारदात होने के बाद किसी भी परिवार के सदस्य को भनक तक नही लगी और घर का बाहरी दरवाजा भी खुला पाया गया।
माता- पिता की मौत के बाद बहन के घर रह रहा था सुंदर
कलुई खेडा के जंगली के एक बेटा सुंदर और एक बेटी फूलमती थी। माता पिता की मौत के बाद सुंदर अपनी बहन फूलमती के साथ पुरहिया में ही रहने लगा था। उसके हिस्से में 10 विस्वा जमीन थी, जो पांच वर्ष पूर्व बेंच दिया था। बहन के तीन बेटे सोनू, मुकेश व नन्हकऊ है तीनों का विवाह हो चुका है जो सब लोग साथ मे ही रहते हैं। बहनोई राजाराम ज्यादातर पुराने मकान में रहता है। बहन ने बताया कि सुंदर खेती किसानी मवेशियों की देखभाल करता रहता था।



