मजदूर को पीट-पीटकर मार डाला, करीबियों पर हत्या की आशंका

लखनऊ। सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र में बुधवार रात शादी समारोह में शामिल होकर चचेरे भाई संग घर लौट रहे मजदूर की पीट कर हत्या कर दी गई। उसका शव सौनाई हाईवे पुल के पास पड़ा मिला। झगड़े के दौरान मजदूर को बचाने का प्रयास करने पर चचेरे भाई को भी पीटा गया, जिससे वह बेहोश पड़ा मिला। दोनों को मरा समझकर आरोपी भाग निकले।
मोहनलालगंज अतरौली निवासी मजदूर राजकुमार (48) बुधवार को चचेरे भाई रामजीत के साथ एक शादी में शामिल होने गया था। रात में दोनों बाइक से लौट रहे थे। रामजीत के मुताबिक वह लोग सौनाई हाईवे पुल के पास पहुंचे थे। आरोप है कि रामसेवक और उसका बेटे समरजीत ने रास्ता रोक लिया। बाइक पर पीछे बैठे राजकुमार को घसीट कर गिरा दिया। पिता-पुत्र ने राजकुमार को बुरी तरह पीटा। आरोपियों ने मजदूर का सिर जमीन पर कई बार पटका था, जिससे सिर में गंभीर चोटे आईं और राजकुमार बेहोश हो गया। रामजीत बीच-बचाव करने लगा तो आरोपियों ने उसे भी दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। इस बीच समरजीत ने लाठी से रामजीत के सिर पर हमला कर दिया। इससे वह बेसुध होकर गिर पड़ा। दोनों को मरा समझ कर आरोप पिता-पुत्र भाग निकले। राहगीरों ने मजदूर और भाई को घायल पड़ा देखकर कंट्रोल रूम पर सूचना दी। इसके बाद दोनों को केजीएमयू-ट्रामा सेंटर ले जाया गया। राजकुमार को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया, जबकि अस्पताल में होश आने पर रामजीत ने रामसेवक और समरजीत के हत्या में शामिल होने का बयान दिया। डीसीपी दक्षिण राहुल राज ने बताया कि राजकुमार की पत्नी शिवकुमारी की तहरीर पर समरजीत और रामसेवक के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है। दोनों लोग घटना के बाद से ही फरार हैं, तलाश के लिए दबिश दी जा रही है।
दो माह पहले की थी दूसरी शादी
राजकुमार ने पहली पत्नी राजवती की वर्ष 2021 में कोरोना से मौत हो गई थी। इसके बाद मजदूर ने दो माह पहले शिवकुमारी से कोर्ट मैरिज की थी। इससे शिवकुमारी का पहला पति रामसेवक काफी नाराज था। वहीं, पहले पति से शिवकुमारी के चार बच्चे हैं। इसमें बड़े बेटे समरजीत को भी मां की दूसरी शादी से एतराज था। शिवकुमारी के मुताबिक आरोपी रामसवेक पहले भी धमकी दे चुका है। उसके मुताबिक बुधवार रात भी रामसेवक और बेटा समरजीत घर के बाहर घूमते हुए दिखाई पड़े थे।



