
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में शनिवार को छात्रों के दो गुट किसी बात को लेकर आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते दोनों गुटों में मारपीट शुरू हो गई। स्कूल की छुट्टी के बाद भिडे गुटों में 12वीं में पढ़ने वाले एक छात्र की मौत हो गई।
छात्र की हत्या की सूचना पर परिजनों में कोहराम मच गया। आनन-फानन पुलिस मौके पर पहुंची। आरोप है कि पुलिस ने मामले को दबाने की कोशिश की। विभूति खंड पुलिस सीसीटीवी पुटेज के आधार पर मारपीट करने वाले छात्रों की तलाश में लगी है।
पूर्वांचल इक्लेव के रहने वाल 18 साल का अंश तिवारी एलपीएस की कठौता ब्रांच में 12वीं का छात्र था।
जानकारी के अनुसार अंश आठ से 10 साथियों के साथ दोपहर में माउंट रॉयल एकेडमी स्कूल के बाहर पहुंचा था, जहां छुट्टी के बाद इंटर के एक छात्र से किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया। देखते ही देखते दोनों ओर से कई छात्र इकट्ठा हो गए। दोनों ओर से मारपीट शुरू हो गई। इसी बीच अंश साथी आयुष्मान के साथ भागने लगा। अंश को भागता देख अन्य छात्रों ने उसे दौड़कर पकड़ लिया और जमकर पीटा। मारपीट के दौरान वह बेहोश होकर जमीन पर गिर गया। जिसके बाद आरोपी छात्र भाग निकले। साथियों ने उसे गंभीर हालत में लोहिया अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक छात्र के परिजनों का आरोप है कि उसके बेटे की हत्या का मामला पुलिस दबाने में लगी रही। छात्र की मौत से घर वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। छात्र के पिता शंकराचार्य तिवारी बाराबंकी में दीवान हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस को आरोपी बच्चों के नाम बता दिए गए हैं, आरोपियों से पहले भी उनके बेटे का विवाद हो चुका है, अगर पहले ही कार्रवाई हुई होती तो आज उनका बेटा जिंदा होता। वहीं डीसीपी प्राची सिंह का कहना है कि स्कूल के बाहर मारपीट के दौरान अंश की मौत हुई है। छात्र के शरीर पर कोई चोट नहीं मिली है। परिजनों की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है। घटना स्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। मामले की जांच की जा रही है।



