
लखनऊ। काकोरी के बेहटा गांव निवासी प्रॉपर्टी डीलर धर्मेंद्र पाल (32) की 11 दिन पहले गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। पुलिस ने हत्या का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं एक संदिग्ध ने पुलिस ने बचने के लिए पुराने मामले में कोर्ट के समक्ष हाजिर होकर जेल चला गया है। शुक्रवार को काकोरी पुलिस आरोपी के पूछताछ के लिए गोसाईगंज जेल गयी थी, लेकिन कोई अहम सुराग हाथ नहीं लगा। फिलहाल पुलिस की गिरफ्त में आये चारों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
बेहटा गांव के राम आसरे पाल का बेटा धर्मेंद्र पाल प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता था। वह गांव में ही प्लॉटिंग का काम करता था। इसके लिए उसने रुद्र प्रॉपर्टी के नाम से एक कार्यालय भी खोला था। परिजनों के मुताबिक 11 दिन पहले मंगलवार की शाम को वह प्लाटिंग एरिया पर कार से गया था। चचेरे भाई पिंटू के मुताबिक शाम करीब 6.30 से 7 बजे के बीच वह मौके पर पहुंचा तो धर्मेंद्र कार के अंदर खून से लथपथ मिला। उसके गले में गोली लगी थी। कार का शीशा थोड़ा नीचे गिरा हुआ था। इस पर उसने घरवालों को सूचना दी तो धर्मेंद्र के चाचा खुशीराम पाल, पिता श्रीराम आसरे पाल, भाई सुशील व सुरेंद्र मौके पर पहुंचे। जिसके बाद धर्मेन्द्र को इलाज के लिए पास के निजी अस्पताल ले गये, जहां से डाॅक्टरों ने इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया था। जहां बीत रात 10.30 बजे उसकी इलाज के दौरान मौत हो गयी थी। पुलिस ने कार व खून से सना तमंचा भी बरामद कर किया था। पुलिस ने इस इस सम्बंध में परिजनों की तहरीर के आधार पर विजय रावत, रिंकू रावत, अनुज यादव, लल्लू यादव सहित अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया था, लेकिन जांच के दौरान कुछ अन्य लोगों के हत्या में शामिल होने की बात सामने आयी। इस सम्बंध में पुलिस ने शिवम यादव उर्फ शिवा यादव, गोलू उर्फ हिमांशू यादव, श्रवण यादव सहित नीरज यादव उर्फ पुजारी को गिरफ्तार किया है। पुलिस की माने तो शिवा यादव ने ही धर्मेन्द्र पाल की गोली मारकर हत्या की थी।



