लखनऊ

पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ ने मनाया छठवां स्थापना दिवस, 150 पुलिसकर्मी हुए सम्मानित

मुख्य अतिथि डीजीपी राजीव कृष्ण ने की स्मार्ट और जन-विश्वास आधारित पुलिसिंग की सराहना

लखनऊ। माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के दूरदर्शी निर्णय से 13 जनवरी 2020 को लखनऊ में लागू हुई पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली ने अपने छह वर्ष पूर्ण कर लिए। इस अवसर पर पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ का छठवां स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश श्री राजीव कृष्ण रहे, जिनका पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट लखनऊ द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया।

डीजीपी राजीव कृष्ण ने अधिकारियों व कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि लखनऊ पुलिस की उपलब्धियों के पीछे बल का अनुशासन, साहस और कर्तव्यनिष्ठा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 के बाद से लखनऊ पुलिस ने साइबर अपराध को तकनीकी प्राथमिकता देते हुए समर्पित साइबर क्राइम थाना, साइबर सेल तथा प्रत्येक थाने में साइबर हेल्प डेस्क की स्थापना की है। साइबर ठगी में धन की त्वरित रोकथाम और आईटी एक्ट से संबंधित विवेचनाओं के लिए उप निरीक्षकों को विशेष प्रशिक्षण देने पर भी उन्होंने जोर दिया।

उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति केंद्रों और पिंक बूथों पर तैनात पुलिसकर्मी न केवल महिला सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को सरकारी योजनाओं से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। साथ ही सभी आरटीसी केंद्रों पर तकनीकी माध्यमों से गुणवत्तापूर्ण एकीकृत प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है।

डीजीपी ने कहा कि भविष्य की पुलिसिंग स्मार्ट, संवेदनशील और जन-विश्वास आधारित होगी। तकनीक केवल साधन है, असली लक्ष्य आम नागरिक को शीघ्र न्याय और राहत देना है। सोशल मीडिया पर अफवाहों के त्वरित खंडन के लिए डिजिटल सतर्कता पर बल देते हुए उन्होंने “सुरक्षा, सेवा और सुशासन” के मंत्र के साथ पुलिसिंग को और मजबूत बनाने का आह्वान किया।

उत्कृष्ट कार्य करने वाले 150 पुलिसकर्मी सम्मानित

समारोह के दौरान साइबर अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, आपात सेवाएं, कानून-व्यवस्था एवं प्रशासनिक कार्यों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 150 पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त 19 पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

स्थापना दिवस के अवसर पर पुलिस लाइन परिसर में ‘बड़े खाने’ का भी आयोजन किया गया, जिसमें जनपद के समस्त राजपत्रित अधिकारी एवं पुलिसकर्मी सम्मिलित हुए।

अपराध नियंत्रण में बड़ी उपलब्धि

कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद से लखनऊ में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण दर्ज किया गया है। बीते छह वर्षों में हत्या, लूट व डकैती जैसी संगीन घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है।

विशेष रूप से वर्ष 2025 में डकैती की एक भी घटना न होना कमिश्नरेट की सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था का प्रमाण है। सेफ सिटी अवधारणा के तहत महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देने से महिला अपराधों में लगभग 20 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।

पुलिस कल्याण और अधोसंरचना पर विशेष फोकस

पुलिसकर्मियों व उनके परिवारों के कल्याण के लिए मृतक आश्रितों को नियुक्ति, चिकित्सा प्रतिपूर्ति का त्वरित निस्तारण, PSP पैकेज के अंतर्गत बीमा राशि, बैरक/हॉस्टल, आवासीय भवन, 06 नए पुलिस थानों के प्रशासनिक-आवासीय भवन तथा 700 महिला रिक्रूट आरक्षियों के लिए हॉस्टल व अकादमिक ब्लॉक का संचालन किया गया है।

पुलिस आयुक्त का संदेश

पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट लखनऊ ने कहा कि बीते छह वर्षों में अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, साइबर अपराधों पर नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, वीवीआईपी सुरक्षा, जनसंपर्क और पुलिस कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं।

उन्होंने कहा, “पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ सुरक्षा, सेवा और विश्वास के मूल मंत्र के साथ भविष्य में भी और अधिक सशक्त, आधुनिक और संवेदनशील पुलिसिंग के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।”

इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक एसएसएफ/नागरिक सुरक्षा, पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड, अपर पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था सहित कमिश्नरेट लखनऊ के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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