लखनऊ

पुलिसकर्मियों से ही वसूली में फंसे सीबीसीआईडी के दो इंस्पेक्टर

सब इंस्पेक्टर ने हजरतगंज थाने में दर्ज कराया मुकदमा
लखनऊ।
सीबीसीआईडी के दो इंस्पेक्टर आजाद सिंह केसरी व केपी दुबे पुलिसकर्मियों से वसूली के आरोप में फंस गए हैं। लखनऊ में तैनात रहे सब इंस्पेक्टर नैपाल सिंह ने दोनों के खिलाफ हजरतगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। वादी सब इंस्पेक्टर लखनऊ में एटीएम तोड़ने की कोशिश के एक मामले का खुलासा करने वाली टीम का हिस्सा रहे हैं। इस मामले की जांच अब सीबीसीआईडी कर रही है।
सीआरपीसी की धारा 156 (3) के तहत दायर वाद पर कोर्ट के आदेश से यह मुकदमा दर्ज हुआ है। इसमें सीबीआईडी के इंस्पेक्टर आजाद सिंह केसरी और केपी दुबे के अलावा मनीष मिश्रा व तीन अन्य अज्ञात को आईपीसी की धारा 167, 504, 384, 389, 468, 471 व 193 के अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1) के तहत आरोपी बनाया गया है। इसमें मनीष मिश्रा एटीएम तोड़ने की कोशिश से संबंधित मामले का अभियुक्त है। पुलिस ने 16/17 जुलाई 2018 की रात अलीगंज थाना क्षेत्र में मनीष मिश्रा को उसके साथी इरफान उर्फ राजू के साथ गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी करने वाली टीम का हिस्सा रहे सब इंस्पेक्टर नैपाल सिंह का आरोप है कि सीबीसीआईडी की जांच टीम ने अभियुक्त मनीष मिश्रा के साथ मिलकर उन्हें व उनके सहयोगी पुलिसकर्मियों को फंसाने की साजिश रची। जांच टीम ने गिरफ्तारी को फर्जी साबित करने के लिए झूठे साक्ष्य भी गढ़े।
फरवरी 2020 में सीबीसीआईडी को मिली थी जांच
वादी सब इंस्पेक्टर का कहना है कि गिरफ्तारी प्रकरण की जांच में विवेचना पूरी होकर न्यायालय में आरोप पत्र दायर कर दिए जाने का तथ्य छिपाकर मामले की विवेचना सीबीसीआईडी को ट्रांसफर करा दी गई। इस संबंध में शासन के गृह विभाग ने चार फरवरी 2020 को आदेश जारी किया। बाद में सीबीसीआईडी के इंस्पेक्टर आजाद सिंह केसरी इसके विवेचक बनाए गए। अपनी तहरीर में सब इंस्पेक्टर नैपाल सिंह ने आरोप लगाया है कि विवेचक आजाद सिंह केसरी ने 16 मार्च 2020 को उनके अलावा पुलिस टीम का हिस्सा रहे सब इंस्पेक्टर वीरभान सिंह, कांस्टेबल पंकज राय व मिथिलेश गिरि को जवाहर भवन बुलाया और 10 लाख रुपये की मांग की। पैसे न देने पर गिरफ्तारी को झूठा साबित करके सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा लिखवाने की धमकी दी। पैसा देने से मना करने पर विवेचक ने साथी पुलिसकर्मियों के सामने उन्हें अपमानित भी किया।

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