बिजलीकर्मियों ने शक्ति भवन पर किया अनशन

उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद बोर्ड का पुनर्गठन की मांग
लखनऊ। राज्य परिषद विद्युत प्राविधिक कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने सोमवार से शक्ति भवन पर चार दिवसीय अनशन शुरू किया। इस अवसर पर संघ के केंद्रीय अध्यक्ष बृजेश कुमार त्रिपाठी ने सभी ऊर्जा निगमों को समायोजित करते हुये उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद बोर्ड का पुनर्गठन की मांग की। 14 जनवरी 2000 के बाद कॉरपोरेशन में सेवायोजित होने वाले सभी कर्मचारियों के लिए पूर्ववर्ती परिषदीय कर्मचारियों को अनुमन्य पुरानी पेंशन व्यवस्था की भांति ही पुरानी पेंशन बहाल की मांग की। संगठन के सदस्यों ने तीन चरणों में प्रदेशव्यापी आंदोलन किया, लेकिन ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के दखल व संवर्ग की समस्याओं के शीघ्र समाधान किये जाने संबंधी आश्वासन के बाद वापस लिया गया। इसके बावजूद ऊर्जा प्रबधन की हठधर्मिता के कारण तकनीकी कर्मचारियों मे अत्यंत रोष व्याप्त है, मजबूरी में संघ द्वारा पुनः प्रदेशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन प्रारम्भ किया गया है।
संघ के केंद्रीय उपाध्यक्ष दीपक चक्रवर्ती ने बताया कि संघ विगत एक वर्ष से प्रदेश के टैक्नीशियन कर्मियों की मूलभूत मांगों व समस्याओं के समाधान हेतु प्रयासरत है जिसके क्रम में ऊर्जा मंत्री द्वारा हस्तक्षेप किये जाने के उपरांत पूर्व में जारी आंदोलन स्थगित किया गया था। मध्यांचल महासचिव शैलेन्द्र सिंह ने कहा कि संघ द्विपक्षीय वार्ता के माध्यम से संवर्ग की मांगों/समस्याओं का निवारण चाहता है परंतु प्रबंधन द्वारा विभिन्न द्विपक्षीय वार्ताओं उपरांत उनके द्वारा कार्यवृतों का क्रियान्वयन किये जाने की बजाय साल भर से परीक्षण के नाम पर जान-बूझ कर खानापूर्ति करते हुए संघ के ऊपर आंदोलन थोपा जा रहा है।



