उत्तर प्रदेश

मानवता की मिसाल: 102 एंबुलेंस कर्मियों ने रास्ते में कराई सुरक्षित डिलीवरी, जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ

हरदोई। जिले में 102 एंबुलेंस सेवा के कर्मचारियों ने एक बार फिर अपनी तत्परता और सूझबूझ से मानवता की मिसाल पेश की है। रविवार देर शाम प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक गर्भवती महिला की एंबुलेंस कर्मियों ने रास्ते में ही सफल डिलीवरी कराई। वर्तमान में जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं।

समय पर पहुँची एंबुलेंस

​जानकारी के अनुसार, सुरसा थाना क्षेत्र के ग्राम पौथेपुरवा निवासी नसीम की पत्नी मुस्कान को रविवार शाम करीब 6:30 बजे अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने तत्काल 102 एंबुलेंस को सूचना दी। सूचना मिलते ही एंबुलेंस संख्या UP-32-FG-0942 के पायलट अरुण कुमार और ईएमटी (EMT) रामजीवन ने तत्परता दिखाई और महज 20 मिनट में 14 किलोमीटर की दूरी तय कर गांव पहुँच गए।

रास्ते में करानी पड़ी इमरजेंसी डिलीवरी

​शाम 6:55 बजे मरीज को लेकर एंबुलेंस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) सुरसा के लिए रवाना हुई। लेकिन बघौली-सुरसा मार्ग पर गंगापुर मोड़ के पास महिला का दर्द असहनीय हो गया। अस्पताल पहुँचने में देरी और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पायलट और ईएमटी ने एंबुलेंस को सड़क किनारे खड़ा किया।

​एंबुलेंस स्टाफ ने सूझबूझ दिखाते हुए साथ में मौजूद बुजुर्ग महिला अनवरी के सहयोग से सुरक्षित प्रसव संपन्न कराया। मुस्कान ने एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया।

परिजनों ने जताया आभार

​डिलीवरी के बाद जच्चा-बच्चा को तत्काल सुरसा सीएचसी में भर्ती कराया गया, जहाँ स्टाफ नर्स जूली की देखरेख में उनका उपचार किया गया। चिकित्सकों ने पुष्टि की है कि मां और बच्चा दोनों पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ हैं।

​एंबुलेंस कर्मियों की इस त्वरित कार्रवाई और साहसिक कदम की ग्रामीणों ने जमकर सराहना की है। परिजनों ने भावुक होते हुए एंबुलेंस टीम और स्वास्थ्य कर्मियों का आभार व्यक्त किया, जिनकी वजह से एक बड़ी अनहोनी टल गई।

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