राजधानी में ट्रैफिक सिस्टम फेल! मुख्यमंत्री आवास तक पहुँचा जाम का झाम
राजधानी की रफ्तार थमी: सिविल चौराहे से मुख्यमंत्री आवास तक जाम का तांडव

लखनऊ। लखनऊ की सड़कों पर आज रफ्तार नहीं, रेंगती हुई मजबूरी नजर आई। सिविल चौराहे से लेकर मुख्यमंत्री आवास तक लगा भीषण जाम राजधानी की ट्रैफिक व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। हालात ऐसे कि आम आदमी की गाड़ी नहीं, बल्कि सब्र की परीक्षा चल रही है—और वह भी बिना सिलेबस के।
हैरानी की बात यह है कि जाम की खबरें पहले से प्रसारित होने के बावजूद स्थिति में कोई खास सुधार देखने को नहीं मिला। मुख्यमंत्री आवास से सिविल चौकी तक का इलाका पूरी तरह जाम की गिरफ्त में रहा। दफ्तर जाने वाले कर्मचारी, स्कूल बसों में बैठे बच्चे और एंबुलेंस तक जाम में फंसी रहीं—यानी VIP नहीं, VJP (Very Jammed People) का दौर।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस मौके पर तो दिखी, लेकिन जाम को “कंट्रोल” करने के बजाय “कवर” करती नजर आई। सिग्नल से ज्यादा मोबाइल और सीटी से ज्यादा धैर्य काम में लिया गया, जिसका असर सड़क पर साफ दिखा।
सवाल साफ है—
जब खबर चल रही थी, अलर्ट मौजूद था, तो फिर जाम कंट्रोल क्यों नहीं हुआ?
क्या राजधानी की ट्रैफिक व्यवस्था सिर्फ कागज़ों में ही दौड़ती है और सड़कों पर रेंगती है?
फिलहाल लखनऊवासियों को सलाह है कि अगर बहुत ज़रूरी न हो तो घर से न निकलें, और अगर निकल ही गए हैं तो पानी, धैर्य और एक-दो भजन साथ रखें—क्योंकि जाम लंबा है और समाधान अभी दूर।



