लखनऊ

सरोजनी नगर तहसील बार एसोसिएशन ने भ्रष्टाचार व अव्यवस्थाओं पर उठाए गंभीर सवाल

लखनऊ। सरोजनी नगर तहसील बार एसोसिएशन ने तहसील परिसर में व्याप्त भ्रष्टाचार, अवैध वसूली और न्यायिक कार्यों में हो रही अनियमितताओं को लेकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। एसोसिएशन ने जिलाधिकारी/प्रभारी अधिकारी (तहसील दिवस) लखनऊ को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया है कि तहसील सरोजनी नगर में अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली से आम जनता के साथ-साथ अधिवक्ताओं को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन में उठाए गए प्रमुख मुद्दे
🔴 अवैध वसूली का आरोप
बार एसोसिएशन ने नायब तहसीलदार बिजनौर पर अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगाते हुए, जांच कर संबंधित अधिकारी के स्थानांतरण की मांग की है।
🔴 रजिस्ट्रार कार्यालय में भ्रष्टाचार
उप निबंधक प्रथम कार्यालय में पिछले एक माह के सभी कृषि बैनामों की जांच की मांग की गई है। आरोप है कि निजी कर्मचारियों के जरिए अवैध वसूली कराई जा रही है।
🔴 न्यायालयों का कार्य प्रभावित
एसडीएम कोर्ट की तिथि बीत जाने के बावजूद न्यायालयों का कार्य सुचारू रूप से नहीं चल पा रहा है, जिससे वादकारियों और अधिवक्ताओं को भारी असुविधा हो रही है।
🔴 कर्मचारियों की कमी
उपजिलाधिकारी पी-2 कार्यालय में नियमित कर्मचारियों की नियुक्ति न होने से न्यायिक एवं प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
🔴 अधिवक्ता परिसर में मूलभूत सुविधाओं का अभाव
बार एसोसिएशन ने बताया कि अधिवक्ता परिसर में शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा तक उपलब्ध नहीं है, जिसे तत्काल बनवाए जाने की मांग की गई है।
🔴 एसडीएम कृष्णा नगर न्यायालय स्थानांतरण की मांग
तहसील बक्शी का तालाब की तर्ज पर एसडीएम कृष्णा नगर का न्यायालय सरोजनी नगर तहसील परिसर में स्थानांतरित किए जाने की मांग की गई है।
🔴 लेखपाल व कानूनगो की मनमानी
निर्धारित समय व स्थान पर लेखपाल व कानूनगो के न बैठने से अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश व्याप्त है।
प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप की मांग
बार एसोसिएशन ने ज्ञापन के माध्यम से जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि उपरोक्त सभी बिंदुओं पर अपने स्तर से तत्काल निर्णय लेते हुए भ्रष्टाचार और अव्यवस्था पर लगाम लगाई जाए।
अधिवक्ताओं ने दी आंदोलन की चेतावनी
यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो अधिवक्ता संगठन आंदोलन करने को मजबूर होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

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