पुलिस मंथन–2025: वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मेलन में किए गए एडीजी अमिताभ यश सम्मानित

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली को और अधिक सशक्त, आधुनिक व प्रभावी बनाने की दिशा में आयोजित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मेलन ‘पुलिस_मंथन–2025’ में उत्कृष्ट प्रस्तुतिकरण एवं प्रभावशाली आयोजन के लिए अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अमिताभ यश को सम्मानित किया गया।
सम्मेलन के दौरान पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश राजीव कृष्ण ने अमिताभ यश को मेमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें कानून-व्यवस्था से जुड़े विषयों पर सारगर्भित प्रस्तुति, नवाचारपूर्ण सोच और सम्मेलन के सफल एवं अनुकरणीय आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए प्रदान किया गया।
कानून-व्यवस्था पर केंद्रित मंथन
‘पुलिस मंथन–2025’ सम्मेलन में प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध, तकनीक के उपयोग और पुलिसिंग में सुधार जैसे अहम विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। सम्मेलन का उद्देश्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुभवों को साझा कर भविष्य की रणनीति को और अधिक मजबूत बनाना रहा।
डीजीपी ने की सराहना
डीजीपी राजीव कृष्ण ने इस अवसर पर कहा कि कानून-व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने में रणनीतिक सोच, बेहतर समन्वय और समयबद्ध निर्णय अत्यंत आवश्यक हैं, और इस दिशा में एडीजी अमिताभ यश की भूमिका सराहनीय रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस प्रकार के मंथन से उत्तर प्रदेश पुलिस और अधिक जनविश्वास अर्जित करेगी।
पुलिसिंग को नई दिशा
सम्मेलन में प्रस्तुत सुझावों और रणनीतियों से यह स्पष्ट हुआ कि उत्तर प्रदेश पुलिस आधुनिक तकनीक, जवाबदेही और संवेदनशीलता के साथ भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार है। एडीजी अमिताभ यश को मिला यह सम्मान न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के सामूहिक प्रयासों की भी पहचान है।
अमिताभ यश 1996 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और उन्हें एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के नाम से जाना जाता है। उन्होंने अब तक करीब 150 अपराधियों का एनकाउंटर किया है, जिसमें विलास दुबे और ददुआ जैसे बड़े अपराधी शामिल हैं। अमिताभ यश की पहली पोस्टिंग संतकबीरनगर जिले में एसपी के रूप में हुई थी, और बाद में उन्होंने बाराबंकी, सहारनपुर, नोएडा और कानपुर जैसे जिलों में एसपी और एसएसपी के रूप में काम किया ।
अमिताभ यश ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के सेंट स्टीफन कॉलेज से ग्रेजुएशन किया है और आईआईटी कानपुर से केमिस्ट्री में एमएससी किया है। उनके पिता राम यश सिंह भी आईपीएस अधिकारी थे और बिहार कैडर में तैनात थे ।
‘पुलिस मंथन–2025’ उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए एक मील का पत्थर साबित हो रहा है, जो आने वाले समय में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत आधार प्रदान करेगा।



