‘अटल ज्ञानदीप सम्मान–2025’ से सम्मानित हुए रंजीत यादव ‘खाकी वाले गुरु जी’

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस में उपनिरीक्षक पद पर कार्यरत रंजीत यादव, जिन्हें लोग स्नेहपूर्वक ‘खाकी वाले गुरु जी’ के नाम से जानते हैं, को शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में उनके अनुकरणीय योगदान के लिए ‘अटल ज्ञानदीप सम्मान–2025’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान अटल सांस्कृतिक संगम–2025 के अवसर पर प्रदान किया गया।
सम्मान समारोह का आयोजन 23 दिसंबर 2025 को मालवीय सभागार, लखनऊ विश्वविद्यालय (प्राचीन परिसर) में किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा, संस्कृति और समाज सेवा से जुड़े अनेक गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही।
रंजीत यादव ने अपनी पुलिस सेवा के साथ-साथ शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बनाया। अयोध्या में कार्यरत रहते हुए उन्होंने खाली समय में गरीब, असहाय एवं शिक्षा से वंचित बच्चों को निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई। उनकी इस मुहिम ‘अपना स्कूल’ से आज सैकड़ों बच्चे नियमित रूप से पढ़ाई कर रहे हैं।
‘खाकी’ उनके लिए केवल वर्दी नहीं, बल्कि कर्तव्य, अनुशासन और सेवा का प्रतीक है। शिक्षा के साथ-साथ वे रक्तदान, पौधरोपण, गरीबों व दुर्घटनाग्रस्तों की सहायता, सामाजिक जागरूकता और सुरक्षा संबंधी अभियानों में भी सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। उन्हें इससे पूर्व नेशनल आइकॉनिक पर्सनैलिटी अवार्ड और कलाम यूथ लीडरशिप अवार्ड जैसे राष्ट्रीय सम्मान भी मिल चुके हैं।
अटल सांस्कृतिक संगम परिवार ने उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि रंजीत यादव ने अनुशासन, नैतिक मूल्यों और ज्ञान के समन्वय से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का जो मार्ग प्रशस्त किया है, वह समाज और शिक्षा जगत के लिए प्रेरणास्रोत है।
सम्मान प्राप्त करते हुए रंजीत यादव ने कहा कि यह पुरस्कार उन्हें समाज के लिए और अधिक समर्पण भाव से कार्य करने की प्रेरणा देगा। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने तालियों के साथ उनके कार्यों का अभिनंदन किया।
यह सम्मान न केवल एक व्यक्ति की उपलब्धि है, बल्कि उस सोच की जीत है, जो वर्दी के साथ-साथ किताबों से समाज बदलने का सपना देखती है।



