महिलाओं के खिलाफ अपराध में भी यूपी का क्राइम रेट कम

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में रेप और यौन शोषण के मामले अन्य प्रदेशों की अपेक्षा वर्ष 2022 में बहुत ही कम क्राइम रेट आका गया है। 2022 में यूपी में 3559 वारदातें दर्ज हुईं और इस मामले में क्राइम रेट रहा 3.2 प्रतिशत। इस तरह के मामलों के क्राइम रेट में यूपी से बेहतर बिहार, गुजरात, झारखंड, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, पंजाब, तमिलनाडु, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल ही रहे। कर्नाटक, महाराष्ट्र, ओडिशा और राजस्तान में यूपी से ज्यादा केस दर्ज हुए और क्राइम रेट भी इन राज्यों से ज्यादा रहा। यौन शोषण के केस सबसे ज्यादा यूपी में ही दर्ज हुए।
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) ने साल 2022 के लिए तमाम तरह के अपराध का सालान रिपोर्ट जारी किया है। एनसीआरबी क्राइम रिपोर्ट 2022 के मुताबिक सबसे ज्यादा आबादी वाले उत्तर प्रदेश में यौन शोषण के 4530 केस दर्ज हुए जिसका शिकार 4533 महिलाएं बनी थीं। इस अपराध में यूपी का क्राइम रेट 4 प्रतिशत रहा। इससे ज्यादा क्राइम रेट सिर्फ आंध्र प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, केरल और महाराष्ट्र का रहा।
2022 में देश भर में 35.61 लाख केस दर्ज हुए जिसमें अकेले यूपी में 401787 एफआईआर लिखवाई गई थी। देश भर में 2022 में दर्ज केस का 11.28 प्रतिशत हिस्सा यूपी का था जिसकी आबादी देश का 16.89 परसेंट है। देश भर का क्राइम रेट जहां 2022 में 268.1 रहा वहीं यूपी का क्राइम रेट 171.6 रहा। क्राइम रेट एक लाख की आबादी पर एक क्राइम से जोड़ा जाता है।



