
लखनऊ। राजधानी के नाका कोतवाली क्षेत्र में एक युवक की संदिग्ध हालात में मौत हो गयी। उसके चेहरे एवं सर पर चोट के निशान मिले है। मिली जानकारी अनुसार शनिवार के दिन सुबह 8 बजे परिजनों उसे इलाज के लिए सिविल अस्पताल ले गये। जहां डाॅक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद सिविल अस्पताल में तैनात पुलिस ने मृतक व्यक्ति के सम्बंध में नाका पुलिस को जानकारी दी। जानकारी के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जहां देर शाम सिपाही की लापवाही के चलते उसका पोस्टमार्टम नहीं हो पाया।
गोविन्द गोस्वामी (32) पुत्र रामचंद्र गोस्वामी मूलनिवासी झझौली, भरावन थाना अतरौली, जनपद हरदोई हालपता गुरूनानक मार्केट के पास की संदिग्ध हालात में मौत हो गयी। परिजनों से मिली जानकारी अनुसार गोविन्द बीती रात नशे में था। उसके सर व चेहरे पर चोट के निशान थे। इस बात की जानकारी उसके छोटे भाई दीपू ने अपने पिता रामचन्द्र को दी, लेकिन पिता ने भी दीपू की बातों पर ध्यान नहीं दिया। जब सुबह उसकी हालत गम्भीर हुई तो उसे इलाज के लिए सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डाॅक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक गोविन्द के घर में पत्नी मोनिका व तीन बेटियां प्रतिज्ञा (9), तनु (5), नितिया (2) है। वह लगभग 20 वर्षों से रेवड़ी बेचने का कार्य करता था।
सिपाही की लापरवाही के कारण नहीं हुआ पोस्टमार्टम
सिविल अस्पताल में हुई गोविन्द की मौत की जानकारी नाका पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंचे नाका के एसआई अमरनाथ चौरसिया व कांस्टेबल मनीष तिवारी ने पंचनामें की कार्रवाई की। पंचनामें की कार्रवाई 3.30 बजे पूरी हो गयी। उसके बाद कांस्टेबल मनीष को कागजों पर साइन कराने के लिए नाका कोतवाली भेजा गया। जहां मनीष तिवारी ने लापरवाही करते हुए अपनी मोटर साइकिल छोड़ ई-रिक्शा से थाने की आरे चल दिये। परिजन गोविन्द के शव को लेकर पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंच गये, लेकिन मनीष कागज लेकर पोस्टमार्टम हाउस नहीं पहुंचे। परिजन लाख मिनते करते रहे लेकिन मनीष यह कहकर बात को टालते रहे कि मेरे पास कोई साधन नहीं है में ई-रिक्शा करके आ रहा हूं। उनकी लापरवाही के चलते गोविन्द का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया।



