लखनऊ

किसानों का उत्पीड़न करने वाली आरआर इंफ्रासिटी के खिलाफ भाकियू (लोक शक्ति) ने खोला मोर्चा

सीपी को सौंपा ज्ञापन, की कार्रवाई की मांग
किसानों का उत्पीड़न कर जबरन ली जा रही उनकी जमीनें: धर्मेन्द्र वर्मा 
कहा, आरआर कंपनी और अरबों की ठगी कर फरार होने वाली कंपनी शाइन सिटी के संबंधों की हो जांच       
लखनऊ। तहसील मोहनलालगंज के अमेठी ग्राम अन्तर्गत आरआर इंफ्रासिटी कंपनी अपने प्रोजेक्ट मंदाकिनी विहार के लिए स्थानीय किसानों का उत्पीड़न कर जबरन उनकी जमीनों को लिए जाने का मामला प्रकाश में आने के बाद भारतीय किसान यूनियन ( लोक शक्ति) के जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने आज सीपी को एक ज्ञापन देकर तत्काल कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
भाकियू (लोक शक्ति) के जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र वर्मा ने बताया कि आरआर इंफ्रासिटी ग्राम अमेठी में मंदाकिनी विहार के नाम से एक टाउनशिप तैयार कर रही है । मजे की बात यह है कि उक्त कंपनी के पास अपनी खुद की जमीन नहीं है फिर भी 100 बीघे का फर्जी तरीके से नक्शा दिखाकर लोगों को गुमराह करते हुए ठगी की जा रही है। उक्त कम्पनी के लोग अब गरीबों की जमीन हथियाने के लिए कमजोर किसानों को  पकड़कर उनका उत्पीड़न करते हैं और जबरन उनसे अनुबंध कराते हैं।
इस संबंध में थाना गोसाईगंज में अपराध संख्या 0403/22 के अन्तर्गत मुकदमा भी दर्ज है लेकिन स्थानीय पुलिस द्वारा अभी तक कोई कार्रवाई न किए जाने से उक्त कंपनी के लोगों का मनोबल बढ़ा हुआ है।
यहां यह भी बताते चलें कि आरआर कंपनी में काम करने वाले कई लोग पहले शाइन सिटी में एसोसिएट थे और उनके ऊपर कई मुकदमें दर्ज हैं कागज में पुलिस उन्हे तलाश भी रही है।
यही लोग अब दूसरी कंपनी के माध्यम से ठगी करने पर जुटे हैं। अगर पुलिस ने शीघ्र कोई कदम नहीं उठाया तो यहां भी करोड़ों का घोटाला करके लोग फरार हो जाएंगे।
धर्मेन्द्र वर्मा ने पुलिस आयुक्त से मांग की है कि तत्काल उक्त कंपनी द्वारा गरीब किसानों पर किए जा रहे उत्पीड़न को रोका जाए। थाना गोसाईगंज में दर्ज प्रकरण में आरोपितों की गिरफ्तारी की जाए। आसपास के किसानों के सुरक्षा की व्यवस्था की जाए। उक्त कंपनी के शाइन सिटी से क्या संबंध हैं इसकी भी जांच की जाए।
धर्मेन्द्र वर्मा का कहना है कि भारतीय किसान यूनियन (लोक शक्ति) हमेशा से गरीबों, मजदूरों , किसानों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाता रहा है। उक्त मुद्दा जनहित से जुड़ा है किसानों के जमीनों के नाम पर हो रहे फर्जीवाड़े पर अगर एक सप्ताह में कार्रवाई नहीं हुई तो विवश होकर आंदोलन की राह पकड़ना पडे़गा।

Related Articles

Back to top button