उत्तर प्रदेश

एटीएस ने एक साल में किए कई सफल ऑपरेशन, अधिक चर्चा में रहा धर्मांतरण मामला

एक साल में एटीएस द्वारा किए गए कार्यों को लेकर डीजीपी ने की प्रेसवार्ता
लखनऊ।
उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) के लिए यह वर्ष 2021 बहुत चुनौती पूर्ण रहा है। इन सालों में एटीएस ने कई सफल ऑपरेशन भी किए हैं। एटीएस ने राजधानी लखनऊ के काकोरी और प्रयागराज में आईएसएस का मॉड्यूल पकड़ा और इनके मंसूबों पर भी पानी फेंरने का काम किया है।
प्रदेश में जो सबसे चर्चा का विषय रहा है वो धर्मांतरण मामला। उस पर भी एटीएस ने कठोर कार्रवाई की है। अवैध तरीके से भारत में रह रहे सरगना और उनके गिरोह को पकड़ कर करोड़ों की फंडिंग का भी खुलासा किया है। यही वजह है कि राज्य सरकार एटीएस को और मजबूती देने का काम कर रही है। एटीएस व स्पॉट कमांडो के विस्तार के लिए शासन ने 12 जिलों में भूमि का आवंटन कराया गया है। इंडो-नेपाल बार्डर पर चार जिले लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती एवं सिद्धार्थनगर में एटीएस ईकाई बनाया जायेगा। गौतमबुद्ध नगर, देवबंद, मेरठ, अलीगढ़ आगरा जनपदों में भी इस दिशा पर कार्य किया जा रहा है।
वर्ष 2021 में एटीएस द्वारा किये गए सफल कार्यों को लेकर पुलिस महानिदेशक मुकुल गोयल ने गुरुवार को प्रेसवार्ता की। इस दौरान एटीएस के आईजी जीके गोस्वामी समेत पुलिस के अन्य वरिष्ठ अधिकारी रहे। उन्होंने बताया कि रोहिंग्या मामले में अब तक सात मुकदमें दर्ज किए गए, जिसमें सरगना समेत 42 अभियुक्तों की गिरफ्तारी हुई है। इन अभियुक्तों में 16 रोंहिग्या,19 बांग्लादेशी और भारतीय सहयोगी 07 लोग शामिल है। इन अभियुक्तों की गिरफ्तारी उत्तर प्रदेश के अलावा पश्चिम बंगाल, हैदराबाद सहित आदि प्रदेशों से भी की गई है। इन सहयोगियों में मुख्य रुप से दो अभियुक्त इंडियन एयरलाइंस से भी जुड़े थे, जिनकी भूमिका रोहिंग्याओं को विदेश भेजने में पायी गयी। कुछ सदस्य सोना भी तस्करी करते थे। डीजीपी ने बताया कि चाइनीज फ्रॉड गैंग का पर्दाफाश करते हुए चार चीनी समेत 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारियां चार विदेशी चाइनीज, संभल से 09, दिल्ली से 05, हैदराबाद और महाराष्ट्र से एक-एक अभियुक्त शामिल है। इनमें इंटरनेशनल सिम और मनी लांड्रिंग के साक्ष्य भी मिले और इंटरपोल की मदद भी ली गई है। उन्होंने बताया कि इस साल एटीएस की ओर से करीब 12 मुकदमें दर्ज किए गए, जिसमें 118 गिरफ्तारियां की गई है। 11 ऐसे ऑपरेशन थे जिसमें 29 लोग गिरफ्तार किए गए। मुख्य तौर पर धर्मांतरण मामले में मुख्य सरगना समेत मौलाना कलीमुद्दीन, उमर गौतम, सलाउद्दीन समेत कुल 17 लोगों को गिरफ्तार किया, जिसमें 100 करोड़ से ज्यादा की फंडिंग का खुलासा हुआ। जिसकी ईडी द्वारा भी जांच की जा रही है।

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