चाइल्ड लाइन निर्देशक ने दुष्कर्म पीडि़ता के मासूम का किया सौदा, गिरफ्तार

सुलतानपुर। दुष्कर्म पीडि़ता किशोरी के संरक्षण की जिम्मेदारी लेने वाले चाइल्डलाइन के डायरेक्टर और पदाधिकारियों ने पैसों कि खातिर ईमान बेच दिया। मासूम के जन्म लेते ही उसका सौदा कर डाला। मामले में पुलिस ने चाइल्ड लाइन के डायरेक्टर समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। खुलासे के लिए पुलिस को 25000 का इनाम दिया गया है। पूरा मामला सुल्तानपुर जिले के गोसाईगंज थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। किशोरी जो दुष्कर्म पीडि़ता रही उसे भगाने का मुकदमा गोसाईगंज थाने में पंजीकृत किया गया था।
मामले में बाल कल्याण समिति की तरफ से पीडि़ता गर्भवती का प्रसव सुल्तानपुर जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र में कराया गया था और बच्चे को गोपनीय ढंग से पदाधिकारियों की शह पर बेच दिया गया था। एवज में पदाधिकारियों ने मोटी रकम लेकर सौदेबाजी की थी। इस कुचक्र की जानकारी जब पुलिस को हुई तो पूर्व में दर्ज मुकदमे में धोखाधड़ी समेत साजिश की धाराओं की बढ़ोतरी की गई है। चाइल्ड लाइन संस्था के निदेशक विजय श्रीवास्तव उर्फ विजय विद्रोही निवासी नगर कोतवाली शास्त्री नगर, कर्मचारी तारा शुक्ला पत्नी सिदनाथ शुक्ला निवासी परसपुर थाना कुड़वार, कई जिलों में संस्था का संचालन करने वाले कृपा शंकर गुप्ता पुत्र श्यामा नारायण निवासी लालगंज जिला रायबरेली व बच्चा खरीदने वाली रेनू गुप्ता पत्नी कृपा शंकर गुप्ता निवासीगण लालगंज जिला रायबरेली को गिरफ्तार कर लिया गया है। थानाध्यक्ष संदीप राय का कहना है कि सौदे बाजी के बाद फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवाया गया। जिसके आधार पर धोखाधड़ी और साजिश की धाराओं में बढ़ोतरी की गई है।
बाल कल्याण समिति ने पीडि़ता को मां को सौंप दिया था और बच्चे को चाइल्डलाइन को दे दिया गया था। पीडि़ता की जानकारी पर एक दिसंबर को बच्चे के अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया था। 13 दिसंबर को दूसरा मुकदमा पंजीकृत किया गया। प्रसव काल में तारा शुक्ला ने अस्पताल में भर्ती कराया। चाइल्डलाइन के मुख्य कर्ताधर्ता विजय विद्रोही के माध्यम से प्रसव के बाद बच्चे को गायब करा दिया। बच्चों की तस्करी का मामला सामने आया है। चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। रेनू गुप्ता कृपा शंकर गुप्ता तारा शुक्ला को भी न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। सीडब्ल्यूसी को आख्या प्रेषित की गई है।
डॉ. विपिन मिश्र
पुलिस अधीक्षक, सुल्तानपुर



