ठंड में बुजुर्गों एवं बच्चों का विशेष ध्यान रखना जरूरी

वरिष्ठ पत्रकार महेंद्र कुमार सिंह
लखनऊ। जैसे-जैसे ठंड का प्रकोप बढ़ता जा रहा है, वैसे-वैसे बुजुर्गों एवं बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर सतर्कता बरतना बेहद आवश्यक हो गया है। चिकित्सकों के अनुसार सर्दी का मौसम इन दोनों वर्गों के लिए सबसे अधिक संवेदनशील होता है, क्योंकि इस दौरान सर्दी-खांसी, बुखार, निमोनिया, अस्थमा और जोड़ों के दर्द जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं।
बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर विशेष नजर जरूरी
बुजुर्गों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने के कारण उन्हें ठंड से अधिक खतरा रहता है। ऐसे में उन्हें गर्म कपड़े पहनाना, सिर, कान और पैर ढककर रखना जरूरी है। सुबह-शाम ठंडी हवा से बचाव करें और गुनगुना पानी पीने की आदत डालें। नियमित दवाइयों का सेवन, हल्का व्यायाम और समय-समय पर ब्लड प्रेशर व शुगर की जांच भी आवश्यक है।
बच्चों की देखभाल में न बरतें लापरवाही
बच्चों को ठंड जल्दी लग जाती है, इसलिए उन्हें ऊनी कपड़े, टोपी, मोजे और दस्ताने पहनाकर रखें। ठंडे पानी और ठंडी खाद्य वस्तुओं से बचाएं। बच्चों को पौष्टिक और गर्म भोजन दें, जिससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनी रहे। बाहर खेलने के बाद बच्चों को तुरंत कपड़े बदलवाना भी जरूरी है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दी के मौसम में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। हाथों को बार-बार धोना, भीड़-भाड़ वाले स्थानों से बचना और किसी भी तरह के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।
निष्कर्ष
थोड़ी-सी सावधानी और जागरूकता ठंड के मौसम में बुजुर्गों एवं बच्चों को गंभीर बीमारियों से बचा सकती है। परिवार के प्रत्येक सदस्य की जिम्मेदारी है कि वह अपने घर के बुजुर्गों और बच्चों का पूरा ध्यान रखे, ताकि सर्दी का मौसम सुरक्षित और स्वस्थ तरीके से गुजर सके।
वरिष्ठ पत्रकार
महेंद्र कुमार सिंह



